इन्द्रपाल सिंह, इटारसी। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से भटका रेडियो-कॉलर युक्त नर बाघ, जिसने पिछले दो से ढाई महीनों से रहवासी क्षेत्रों में दहशत फैला रखी थी, उसे आज इटारसी के केसला ब्लॉक के ग्राम औझापुरा के पास से सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की टीम ने हाई-ड्रामा रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सफलतापूर्वक पकड़ लिया।
यह रोमांचक और जोखिम भरा रेस्क्यू अभियान लगातार तीन दिनों तक चला। इस दौरान जंगल से लेकर आबादी तक हर पल खतरे का माहौल बना रहा। वन विभाग की टीम ने अत्याधुनिक ट्रैकिंग तकनीक, पांच हाथियों और मैदानी अमले के समन्वित प्रयासों से इस मिशन को अंजाम दिया।
टीम ने पूरी सतर्कता और दक्षता के साथ बिना किसी अप्रिय घटना के बाघ को काबू में कर लिया, जिससे क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली। जानकारी के अनुसार, बाघ लंबे समय से रहवासी इलाकों के आसपास घूम रहा था, जिससे ग्रामीणों में भय का वातावरण बना हुआ था।
अधिकारियों के मुताबिक, बाघ का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद उसे पुनः सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा, ताकि उसके प्राकृतिक आवास और व्यवहार का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

