भुवनेश्वर: ओडिशा विधानसभा का आगामी शीतकालीन सत्र 18 नवंबर से शुरू होने जा रहा है। यह सत्र 31 दिसंबर 2026 तक चलेगा, जिसके लिए विधानसभा सचिवालय की ओर से आधिकारिक अनंतिम कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। सत्र के पहले ही दिन वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अतिरिक्त व्यय विवरण (अनुपूरक बजट) सदन के पटल पर प्रस्तुत किया जाएगा।
सप्तदश (17वीं) विधानसभा के इस आठवें सत्र में राज्य के अतिरिक्त खर्च और विकास कार्यों के लिए अनुदान मांगों पर गहन विचार-विमर्श होगा। 18 नवंबर को सत्र का उद्घाटन और 2026-27 का प्रथम अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। 25 से 27 नवंबर तक अनुपूरक व्यय विवरण से संबंधित अनुदान मांगों पर तीन दिवसीय चर्चा आयोजित की जाएगी। 30 नवंबर को सदन में अतिरिक्त व्यय विनियोग विधेयक प्रस्तुत और पारित किया जाएगा।

नियमों के अनुसार, एक कैलेंडर वर्ष में विधानसभा की बैठकों का कम से कम 60 कार्यदिवस होना अनिवार्य है। इस वर्ष के बजट सत्र और मानसून सत्र को मिलाकर कुल 27 कार्यदिवसों की बैठकें पूरी हो चुकी हैं। इस संवैधानिक और विधायी मानक को पूरा करने के उद्देश्य से ही विधानसभा सचिवालय ने शीतकालीन सत्र के लिए कुल 33 कार्यदिवसों का विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया है।
हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या निर्धारित सभी 33 दिनों तक सदन सुचारू रूप से चल पाएगा। अनुपूरक बजट और विनियोग विधेयक को पारित करने के अलावा कई महत्वपूर्ण विधायी व सरकारी कार्य इस सत्र का मुख्य हिस्सा होंगे। हाल ही में आए चक्रवात ‘अर्णव’ से हुए नुकसान, राहत कार्य और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष द्वारा सरकार को घेरने की पूरी संभावना है।
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