संजीव, सोनीपत: विश्व रैबीज दिवस के अवसर पर 28 सितंबर 2026 को पशु विज्ञान केंद्र, सोनीपत और जिला पॉलीक्लीनिक, सोनीपत द्वारा संयुक्त रूप से निःशुल्क रैबीज टीकाकरण शिविर का आयोजन किया गया। इस विशेष शिविर में बड़ी संख्या में कुत्तों और बिल्लियों को रैबीज रोधी टीके लगाए गए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पालतू पशुओं को इस घातक बीमारी से बचाना और आमजन में इसके प्रति जागरूकता फैलाना था।
उपनिदेशक ने किया शिविर का शुभारंभ
शिविर का औपचारिक उद्घाटन पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उपनिदेशक डॉ. नरेंद्र दहिया ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि रैबीज एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है। समय पर टीकाकरण ही इससे बचाव का सबसे असरदार तरीका है। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि वे अपने पालतू पशुओं का नियमित रूप से टीकाकरण कराएं, ताकि पशुओं के साथ इंसानों को भी संक्रमण के खतरे से सुरक्षित रखा जा सके।
सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक चला अभियान
जिला पॉलीक्लीनिक के प्रभारी डॉ. गगन और डॉ. मोहित ने जानकारी दी कि शिविर का संचालन सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक किया गया। इस दौरान पशुपालकों को टीकों के साथ-साथ आवश्यक सावधानियों की भी जानकारी दी गई। उन्होंने जोर देकर कहा कि पालतू जानवरों की सुरक्षा में ही समाज की सुरक्षा निहित है।
विशेषज्ञों ने दी रैबीज के लक्षणों और बचाव की जानकारी
शिविर के दौरान पशु विज्ञान केंद्र द्वारा जागरूकता अभियान भी चलाया गया। केंद्र की मुख्य वैज्ञानिक डॉ. गौरी चंद्रात्रे ने रैबीज के संक्रमण फैलने के तरीकों, इसके शुरुआती लक्षणों और समय पर वैक्सिनेशन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जागरूकता ही इस खतरनाक बीमारी को रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
संदिग्ध पशु के संपर्क में आने पर तत्काल चिकित्सा की सलाह
शिविर के माध्यम से पशुपालकों और आम जनता को जागरूक करते हुए समय पर पालतू जानवरों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही यह सलाह भी दी गई कि यदि कोई व्यक्ति या जानवर किसी संदिग्ध पशु के संपर्क में आता है, तो बिना देर किए तत्काल चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त करे।
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