यमुनानगर: हरियाणा के यमुनानगर स्थित ग्रीन विहार निवासी ई-रिक्शा चालक नरेश कुमार की पश्चिमी यमुना नहर में डूबने से हुई मौत के मामले में 19 दिन बाद बुडिया थाना पुलिस ने खुदकुशी के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है। 11 सितंबर को घर से लापता हुए नरेश का शव अगले दिन नहर से बरामद हुआ था, जिसके बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार कर दिया था। हालांकि, अंतिम संस्कार के बाद घर लौटने पर परिजनों को बेड के नीचे से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें नरेश के साले पर मानसिक उत्पीड़न और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

11 सितंबर से लापता थे नरेश, अगले दिन नहर में मिला था शव

मृतक की पत्नी शैलू रानी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी शादी 1999 में हुई थी और उनके तीन बच्चे हैं। नरेश ई-रिक्शा चलाते थे और पिछले कुछ समय से काफी परेशान चल रहे थे। परिवार के पूछने पर भी वे अपनी परेशानी टाल देते थे। 11 सितंबर की दोपहर नरेश अचानक घर से निकल गए और देर रात तक वापस नहीं आए। तलाश के बाद अगले दिन पुलिस को पश्चिमी यमुना नहर में अमादलपुर पुल के पास एक शव मिला। पुलिस द्वारा व्हाट्सऐप पर भेजी गई फोटो से परिजनों ने शव की पहचान नरेश के रूप में की थी।

संस्कार के बाद घर लौटे तो बेड के नीचे मिला सुसाइड नोट

पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया था, जिसके बाद परिजनों ने नरेश का अंतिम संस्कार कर दिया। संस्कार की रस्मों के बाद जब परिजन घर लौटे, तो उन्हें बेड के नीचे नरेश का लिखा एक सुसाइड नोट मिला। इस सुसाइड नोट में 3.50 लाख रुपये के कर्ज का स्पष्ट जिक्र था। साथ ही इसमें नरेश के साले राजू उर्फ राजेश पर मानसिक रूप से परेशान करने और लगातार धमकियां देने के आरोप लगाए गए थे।

पत्नी की शिकायत पर 19 दिन बाद पुलिस का एक्शन

सिविल अस्पताल में एचकेआरएन (HKRN) के तहत कार्यरत मृतक की पत्नी शैलू रानी ने सुसाइड नोट के साथ बुडिया थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने सुसाइड नोट और परिजनों के बयानों को आधार बनाते हुए आरोपी साले के खिलाफ खुदकुशी के लिए मजबूर करने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी है।

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