वीरेंद्र कुमार, नालंदा। जिले में अपराधियों के हौसले एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। बिहारशरीफ जंक्शन के समीप सोमवार की देर शाम अज्ञात अपराधियों ने एक 30 वर्षीय युवक को गोली मारकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। घायल युवक की पहचान सोहसराय थाना क्षेत्र के आशानगर निवासी संत नाम रविदास के पुत्र जितेन्द्र कुमार के रूप में हुई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
मेला देखने जा रहा था युवक
जितेन्द्र कुमार सोमवार की देर शाम आशानगर से अकेले मेला देखने जा रहा था। इसी दौरान बिहारशरीफ रेलवे गुमटी के समीप तीन अज्ञात युवकों ने उसे घेर लिया। घायल जितेन्द्र ने कहा कि बदमाशों ने उसके पास मौजूद रुपये और गले का लॉकेट छीनने का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपियों ने उसे गोली मार दी और मौके से फरार हो गए।
गोली लगने के बाद सड़क पर पड़ा था युवक
गोली लगने के बाद घायल युवक रेलवे फाटक के किनारे खून से लथपथ हालत में पड़ा मदद की गुहार लगा रहा था। इसी दौरान सरमेरा थाना क्षेत्र के गौसनगर निवासी कुंदन कुमार वहां से गुजर रहे थे। उन्होंने मोबाइल की रोशनी में युवक को घायल अवस्था में देखा और मानवता दिखाते हुए उसे सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद गश्ती पुलिस को रोककर घटना की जानकारी दी गई। पुलिस की मदद से घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है।
घायल युवक का रहा है आपराधिक इतिहास
मामले को लेकर बिहार थाना अध्यक्ष रंजीत कुमार रजक ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई। थाना अध्यक्ष ने कहा कि घायल युवक का पूर्व में आपराधिक इतिहास रहा है। वह एक हत्याकांड के मामले में वर्ष 2019 से जेल में बंद था और करीब एक साल पहले जमानत पर बाहर आया था। पुलिस ने यह भी बताया कि वह पिछले तीन महीने से अपने घर नहीं गया था।
गोली मारने की वजह जानने में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस लूटपाट, आपसी रंजिश और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। घटना के पीछे की वास्तविक वजह और आरोपियों की पहचान जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस का कहना है कि पीड़ित या परिजनों की ओर से लिखित आवेदन मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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