प्रवीण भारद्वाज, पानीपत। सफाई कर्मचारियों का गुस्सा अब सड़कों पर खुलकर दिखाई देने लगा है। 22 सूत्रीय मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे सफाई कर्मचारियों ने मंगलवार को शहर में जोरदार प्रदर्शन किया। गुस्साए कर्मचारियों ने शहरी विधायक प्रमोद विज के कार्यालय के बाहर कूड़े से भरी ट्रॉली खाली कर दी। इसके साथ ही शहर के कई बाजारों में भी कूड़ा फैलाकर विरोध जताया गया।

करीब 1 मई से सफाई कर्मचारी “काम छोड़ो” आंदोलन पर हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार और नगर निगम उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रहे। लगातार अनदेखी से नाराज कर्मचारियों ने आज प्रदर्शन तेज कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान सफाई कर्मचारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि शहर की सफाई करने वाले अब खुद मजबूरी में विरोध के लिए कूड़ा सड़कों पर डाल रहे हैं।
सफाई कर्मचारी प्रधान नरेश ने कहा कि पानीपत में कई बड़े जनप्रतिनिधि होने के बावजूद उनकी समस्याएं नहीं सुनी जा रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय कर्मचारियों का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन अब कोई उनकी सुध लेने वाला नहीं है।
कर्मचारियों की मुख्य मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना और ठेका प्रथा खत्म करना शामिल है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पहले सफाई कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन अब तक उसे लागू नहीं किया गया।
प्रदर्शन में पहुंचे कांग्रेस नेता बुल्ले शाह ने भी कर्मचारियों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों को उसका फायदा नहीं मिल रहा। उन्होंने सफाई ठेकों में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए।
अब शहर में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सफाई कर्मचारियों की मांगें कब पूरी होंगी और बढ़ते विवाद को लेकर प्रशासन क्या कदम उठाएगा।

