कुंदन कुमार, पटना। बिहार की सम्राट सरकार ने निजी स्कूलों में मनमानी रोकने और शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सीएम सम्राट चौधरी ने निजी स्कूलों पर सख्ती से निगरानी रखने और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है।

निजी विद्यालयों को सरकार की ओर से स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि आदेशों का उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने खुद सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि, छात्रों और अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है।

निजी स्कूलों की मनमानी पर लगेगी रोक

सीएम सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा- प्रदेश के निजी स्कूलों में मनमानी रोकने, फीस को नियंत्रित करने और छात्रों व अभिभावकों के हितों की रक्षा करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। निजी विद्यालयों को फीस की पूरी जानकारी सार्वजनिक करना अनिवार्य, मनमानी बढ़ोतरी व अनावश्यक शुल्क पर रोक होगा। साथ ही किताबें-यूनिफॉर्म कहीं से भी खरीदने की स्वतंत्रता, छात्रों को फीस बकाया पर भी परीक्षा/परिणाम से वंचित नहीं किया जाएगा।

आदेश का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई

सीएम सम्राट ने यह भी बताया कि, आदेश उल्लंघन होने पर कड़ी कार्रवाई तय है। इससे प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और सुलभ बनेगी। सरकार के निर्देश के अनुसार अब सभी निजी स्कूलों को फीस से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने और अनावश्यक शुल्क वसूलने पर रोक लगाई जाएगी।

सहयोग पोर्टल का किया था लोकार्पण

बता दें कि सीएम की कुर्सी पर बैठने के बाद सम्राट चौधरी जनहित से जुड़े मुद्दे को लेकर ताबड़तोड़ बड़े फैसले ले रहे हैं। सम्राट चौधरी ने कल सोमवार (11 मई) को सहयोग शिविर से संबंधित सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100 एवं सहयोग पोर्टल का लोकार्पण किया था।

30 दिनों के अंदर करनी होगी सुनवाई

इस मौके पर सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि, अब पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का निपटारा 30 दिनों के भीतर किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को बिहार की सभी पंचायतों में सहयोग शिविर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि, यदि संबंधित पदाधिकारी 30 दिनों के भीतर आवेदन का निष्पादन कर आदेश पारित नहीं करते हैं, फाइल लंबित रखते हैं अथवा कार्य में कोताही बरतते हैं, तो वे स्वतः 31वें दिन निलंबित हो जाएंगे। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक इसकी रियल टाइम मॉनिटरिंग करेंगे।

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