मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा में नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने जांच में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है कि न्याय केवल मिले ही नहीं, बल्कि समयबद्ध, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम व्यवस्था के माध्यम से हर नागरिक तक पहुंचे। हरियाणा सरकार नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए इस विजन को धरातल पर उतारते हुए न्याय प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता को मजबूत कर रही है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सोमवार को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा नए आपराधिक कानूनों को पूर्ण रूप से लागू करने वाले देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। पुलिस, जेल और अभियोजन विभागों के बेहतर समन्वय, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और तकनीकी आधुनिकीकरण के जरिए आपराधिक न्याय प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया गया है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन मामलों में 10 वर्ष से कम सजा का प्रावधान है, उनमें चार्जशीट दाखिल करने वाले जांच अधिकारियों (IO) को 45वें दिन से प्रतिदिन एसएमएस अलर्ट भेजे जाएं, ताकि वे 60 दिन की समयसीमा के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकें। साथ ही संबंधित थाना प्रभारी की जवाबदेही तय करने और 55वें दिन पुलिस अधीक्षक (SP) को स्वतः अलर्ट भेजने के निर्देश भी दिए। वहीं, 10 वर्ष से अधिक सजा वाले गंभीर मामलों में 90 दिन की समयसीमा होने के बावजूद 60वें दिन से निगरानी प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अपराध की वैज्ञानिक जांच को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि कोई जांच अधिकारी फिंगर प्रिंट या अन्य आवश्यक वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र नहीं करता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। ई-साक्ष्य (e-Sakshya), एनएएफआईएस (NAFIS) और न्याय श्रुति (Nyaya Shruti) परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कोर्ट्स की उपयोगिता बढ़ाने के भी निर्देश दिए। गृह सचिव सुधीर राजपाल ने बताया कि नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और रैंकिंग में सुधार के लिए प्रत्येक मंगलवार को समीक्षा बैठक की जाएगी।

