प्रयागराज. सपा सांसद रामजीलाल सुमन को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. रामजी लाल सुमन और बेटे रंजीत सुमन की याचिका को न्यायालय ने खारिज कर दिया है. सुरक्षा और जांच की मांग को लेकर दोनों ने अदालत में याचिका दाखिल की थी. चार्जशीट दाखिल होने के आधार पर याचिका खारिज कर दी गई. कोर्ट ने कहा कि कानून के तहत अन्य उपाय उपलब्ध हैं. 26 मार्च 2025 को रामजीलाल सुमन के आगरा स्थित घर पर हमला हुआ था, जिसे लेकर उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था.

बता दें कि अप्रैल 2025 में आगरा में ही रामजीलाल सुमन के काफिले पर भी हमला हुआ था. सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने राणा सांगा को गद्दार बताया था. इन सबके बीच सांसद रामजी लाल सुमन के काफिले पर क्षत्रिय समाज के युवकों ने हमला किया था. हमलवरों ने काफिले पर पत्थरबाजी की. हमले से बचने के लिए काफिले में मौजूद गाड़ियों को तेजी से भगाया गया, जिससे 10 गाड़ियां आपस में टकरा गई. घटना में कई लोगों को चोटें आई हैं. हमले के बाद सासंद रामजीलाल सुमन ने योगी सरकार पर करारा हमला करते हुए कहा कि यूपी सरकार उच्च वर्ग के लोगों पर मेहरबान है. वहीं दलितों के खिलाफ अत्याचार को बढ़ावा दिया जा रहा है. उप्र में जंगलराज कायम है, लेकिन सीएम योगी बेहतर कानून व्यवस्था का दावा करते हैं.

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क्या कहा था सपा सांसद ने?

राज्यसभा में सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने कहा था कि भाजपा वालों का तकिया कलाम हो गया कि मुसलमानों में बाबर का डीएनए है तो फिर हिंदुओं में किसका डीएनए है, बाबर को कौन लाया, बाबर को भारत में इब्राहिम लोदी को हराने के लिए राणा सांगा लाया था. रामजीलाल सुमन ने कहा था कि मुसलमान बाबर की औलाद हैं तो तुम (हिंदू) गद्दार राणा सांगा की औलाद हो, यह हिंदुस्तान में तय हो जाना चाहिए. बाबर की आलोचना करते हैं, राणा सांगा की नहीं.