Dharm Desk – शरद पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने और उनके मंत्रों का जप करने से मां जल्दी प्रसन्न होती है। शरद पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। अगर आप भी आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे है या चाहते हैं कि घर में धन की कमी न हो, तो शरद पूर्णिमा के दिन कुछ आसान उपाय कर सकते है। इन उपायों में मां लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करने से लेकर विशेष मंत्रों का जप करने तक कई तरीके शामिल हैं। जो बेहद ही आसान और कम खर्चे में किया जा सकते हैं इसके लिए आपको किसी विशेष सामग्री की जरूरत नहीं है।

कब है शरद पूर्णिमा
पंचांग के अनुसार, शरद पूर्णिमा 25 अक्टूबर, रविवार को मनाई जाएगी। पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर को सुबह 11.55 मिनट पर शुरू होगी और 26 अक्टूबर को सुबह 9.41 मिनट पर समाप्त होगी। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करने के साथ ही धन-समृद्धि की कामना की जाती है।
शरद पूर्णिमा के 10 आसान उपाय
- शरद पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी की पूजा करें। इसके बाद कमल गट्टे की माला से मां लक्ष्मी के मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें।
मंत्र: ‘ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः।’ - शरद पूर्णिमा की शाम को मां लक्ष्मी की पूजा करते समय उनके चरणों में सात कौड़ियां रखें। रात 12 बजे के बाद इन्हें घर की जमीन में गाड़ने का पारंपरिक उपाय बताया जाता है।
- शरद पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी के मंदिर में जाकर कमल गट्टे की माला अर्पित करें और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।
- मां लक्ष्मी की पूजा के दौरान चांदी का सिक्का रखें। पूजा के बाद इसे अपनी तिजोरी में रख दें।
- मां लक्ष्मी को कमल का फूल और सफेद मिठाई अर्पित करें। इसके बाद धन-धान्य और सुख-शांति की कामना करें।
- शंख में केसर मिला दूध भरकर भगवान विष्णु का अभिषेक करने का उपाय भी बताया जाता है। पूजा करते समय मां लक्ष्मी का स्मरण करें।
- शरद पूर्णिमा की शाम घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में गाय के घी का दीपक जलाएं। चाहें तो उसमें थोड़ी केसर भी डाल सकते है।
- पूर्णिमा के दिन पीपल के पेड़ के पास पंचमुखी दीपक जलाकर मां लक्ष्मी से आर्थिक परेशानियां दूर करने की प्रार्थना करें।
- कर्ज से परेशान लोगों के लिए पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करने का पारंपरिक उपाय बताया जाता है। इसके साथ कर्ज चुकाने की योजना बनाना भी जरूरी है।
- पीपल के पांच पत्तों पर पीला चंदन लगाकर उन्हें बहते जल में प्रवाहित कर दें। ऐसा करते समय नदी या जलस्रोत को प्रदूषित न करें; बेहतर है कि पत्तों को मिट्टी में रख दें।

