गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम विश्वविद्यालय में 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी गुजरात को दिए जाने के विरोध में छात्रों ने हस्ताक्षर अभियान चलाया। छात्रों ने हरियाणा के पक्ष में आवाज उठाते हुए कहा कि राज्य ने खेलों के क्षेत्र में देश को कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं। अभियान में विश्वविद्यालय के बड़ी संख्या में छात्रों ने हिस्सा लिया और मेजबानी के मुद्दे पर अपना समर्थन दर्ज कराया।

छात्रों ने हरियाणा के योगदान का उठाया मुद्दा

अभियान में शामिल छात्रों ने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ गेम्स समेत कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का नाम रोशन किया है। राज्य लंबे समय से खेल प्रतिभाओं को तैयार करने और देश के लिए पदक जीतने में अहम भूमिका निभाता रहा है।

छात्रों का कहना है कि ऐसे राज्य से 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी लेकर गुजरात को देना हरियाणा के खिलाड़ियों और प्रदेश की वर्षों की मेहनत के साथ अन्याय है।

एनएसयूआई नेता ने कहा, खिलाड़ियों के साथ अन्याय

एनएसयूआई के गुरुग्राम रूरल प्रेजीडेंट नितिन यादव ने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ खेलों में देश के लिए बड़ी संख्या में पदक जीते हैं। ऐसे में प्रदेश से मेजबानी लेकर गुजरात को देना खिलाड़ियों और हरियाणा की खेल उपलब्धियों के साथ अन्याय है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा लंबे समय से खेल प्रतिभाओं को तैयार करने में आगे रहा है और प्रदेश के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का गौरव बढ़ाया है।

छात्रों ने की हरियाणा की उपलब्धियों को सम्मान देने की मांग

छात्रों ने मांग की कि हरियाणा के खिलाड़ियों के योगदान और प्रदेश की खेल उपलब्धियों को उचित सम्मान मिलना चाहिए। अभियान के आयोजकों ने कहा कि खेल सिर्फ पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह प्रदेश की पहचान और युवाओं के सपनों से भी जुड़े हैं।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के हितों और हरियाणा के सम्मान से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना जरूरी है।

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