ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से 200 टन वजनी शुगर मिल उपकरण लेकर जा रहा 308 पहियों वाला महाट्रक चंदौली के रेवसा के पास रिंग रोड पर रोका गया है. अत्यधिक वजन के कारण ट्रक रोजाना केवल 10 से 12 किलोमीटर की दूरी तय कर पा रहा है और अब तक करीब दो करोड़ रुपये का डीजल खर्च होने की बात चालक ने बताई है.

चंदौली. ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से उत्तर प्रदेश जा रहा 308 पहियों वाला विशाल मल्टी-एक्सल ट्रेलर रेवसा के पास रिंग रोड पर रोका गया है. यह वाहन करीब 200 टन वजनी शुगर मिल वेसल लेकर जा रहा है, जिसे बलरामपुर या लखीमपुर खीरी की चीनी मिल तक पहुंचाया जाना है.

महाट्रक को आगे निकालने के लिए कंपनी की टीम रास्ता तैयार करने में जुटी है. इसके लिए मिट्टी आदि डालकर सड़क को पार करने योग्य बनाया जा रहा है. अनुमान है कि रिंग रोड से इसे रविवार को आगे रवाना किया जाएगा.

गाजीपुर रूट से जाएगा

रिंग रोड पार करने के बाद महाट्रक डाफी होते हुए राजातालाब पहुंचेगा. इसके बाद गाजीपुर रूट से आगे बढ़ते हुए बलरामपुर की ओर जाने की योजना है.

यातायात निरीक्षक सुरेंद्र यादव ने बताया कि फिलहाल रिंग रोड पार कराने का काम कंपनी के लोग कर रहे हैं. महाट्रक के आवागमन को देखते हुए संबंधित टीमें मौके पर व्यवस्था में लगी हैं.

रोज 10 से 12 किमी सफर

जानकारी के मुताबिक, यह शुगर मिल उपकरण बेल्जियम से समुद्री मार्ग के जरिए ओडिशा पहुंचाया गया था. भारी वजन को सड़क पर संतुलित रखने के लिए मल्टी-एक्सल ट्रेलर में 308 पहिए लगाए गए हैं.

अत्यधिक वजन के कारण वाहन की रफ्तार काफी धीमी है. बताया जा रहा है कि यह महाट्रक एक दिन में करीब 10 से 12 किलोमीटर की दूरी ही तय कर पा रहा है.

दो करोड़ डीजल खर्च

चालक के मुताबिक, अब तक इस वाहन के संचालन में करीब दो करोड़ रुपये का डीजल खर्च हो चुका है. महाट्रक के साथ दो अलग-अलग क्रेन भी चल रही हैं, जबकि दो ट्रेलर जरूरत के अनुसार इसे खींचने के काम में लगाए गए हैं.

पूरे परिवहन दल में 64 से अधिक कर्मचारी भी शामिल हैं. महाट्रक को सुरक्षित तरीके से आगे ले जाने के लिए पुलिस, एनएचएआई और अन्य विभागों की टीमें पहले ही पूरे मार्ग का निरीक्षण कर रही हैं.

कटसीला समेत कई जगहों पर फुटओवर ब्रिज खोलकर महाट्रक को आगे बढ़ाया गया है. अब रिंग रोड से इसे निकालने के लिए भी संबंधित टीमें आवश्यक इंतजाम कर रही हैं.