हेमंत शर्मा, इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में HIV संक्रमण को लेकर सामने आए आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के सामने एक बड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच जिले के विभिन्न ICTC केंद्रों पर 44,259 लोगों की जांच की गई। इनमें 357 लोग HIV संक्रमित पाए गए। इनमें से 351 मरीजों को एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) से जोड़ दिया गया, जबकि 6 संक्रमित अब तक उपचार से नहीं जुड़ पाए हैं।इन आंकड़ों के मुताबिक, संक्रमितों की पहचान करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समय पर उन्हें उपचार से जोड़ना भी उतना ही जरूरी है। जांच में सामने आए 357 मामलों में से 6 मरीजों तक उपचार नहीं पहुंच पाने से स्वास्थ्य विभाग के सामने इन मरीजों को ART केंद्र तक पहुंचाने की चुनौती बनी हुई है।

MGM मेडिकल कॉलेज में सबसे ज्यादा 215 संक्रमित मिले

जिले में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, MGM मेडिकल कॉलेज के केंद्र पर सबसे ज्यादा HIV संक्रमित मरीज मिले। यहां 1,152 लोगों की जांच की गई, जिनमें 215 लोग संक्रमित पाए गए।इनमें से 209 मरीजों को ART से जोड़ दिया गया, जबकि 6 मरीज अभी उपचार से बाहर बताए गए हैं। जिले के विभिन्न केंद्रों में उपचार से नहीं जुड़ पाए सभी 6 मरीज MGM मेडिकल कॉलेज के आंकड़ों में दर्ज हैं।यह स्थिति इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि HIV संक्रमण की पहचान के बाद नियमित उपचार से जुड़ना मरीजों के स्वास्थ्य के लिए बेहद अहम होता है। ऐसे में शेष मरीजों को उपचार तक पहुंचाना स्वास्थ्य विभाग के लिए प्राथमिकता होनी चाहिए।

44 हजार से ज्यादा जांच, 357 संक्रमण के मामले

अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच जिले के ICTC केंद्रों पर कुल 44,259 लोगों की जांच की गई। इनमें 357 लोग HIV संक्रमित पाए गए। आंकड़ों के मुताबिक, करीब 98.3 प्रतिशत संक्रमितों को ART से जोड़ दिया गया।
हालांकि, शेष मरीजों का उपचार से नहीं जुड़ पाना यह सवाल खड़ा करता है कि उनकी पहचान के बाद आगे की प्रक्रिया कहां अटकी। क्या मरीज उपचार केंद्र तक नहीं पहुंचे, क्या उनसे संपर्क नहीं हो पाया या इसके पीछे कोई दूसरी वजह है? इसका जवाब संबंधित विभाग की विस्तृत जानकारी और समीक्षा से ही सामने आएगा।

फर्स्ट-95 अभियान में 6,313 लोगों की हुई स्क्रीनिंग

HIV संक्रमण की पहचान और मरीजों को उपचार से जोड़ने के उद्देश्य से चलाए गए फर्स्ट-95 अभियान के तहत अप्रैल से सितंबर के बीच 6,313 लोगों की स्क्रीनिंग की गई थी।इस अभियान में सरकारी अस्पतालों के साथ निजी अस्पतालों में भी संक्रमित मरीजों की पहचान की गई। इसका उद्देश्य HIV संक्रमण की जल्द पहचान कर मरीजों को जरूरी उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना है।स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में संक्रमण की समय पर पहचान के साथ मरीजों की गोपनीयता, परामर्श और नियमित उपचार सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है।

इन अस्पतालों और केंद्रों पर भी मिले संक्रमित

ICTC पीपीटीसीटी एमवायएच:* 8,813 जांच में 10 संक्रमित।

  • पीसी सेठी अस्पताल: 4,259 जांच में 17 संक्रमित।
  • जिला अस्पताल इंदौर: 5,135 जांच में 24 संक्रमित।
  • मल्हारगंज पॉलीक्लिनिक: 3,503 जांच में 22 संक्रमित।
  • अरबिंदो अस्पताल: 4,130 जांच में 16 संक्रमित।
  • इंडेक्स मेडिकल कॉलेज: 3,074 जांच में 12 संक्रमित।
  • सिविल अस्पताल महू: 3,180 जांच में 10 संक्रमित।
  • सीएचसी बेटमा: 3,724 जांच में 11 संक्रमित।
  • सीएचसी सांवेर: 3,504 जांच में 8 संक्रमित।
  • सीएचसी मानपुर: 3,785 जांच में 12 संक्रमित।

इन केंद्रों पर सामने आए संक्रमित मरीजों को ART से जोड़ने की दर 100 प्रतिशत बताई गई है। हालांकि, इन आंकड़ों से यह स्पष्ट नहीं होता कि मरीजों का आगे नियमित उपचार कितना जारी रहा।

संक्रमण की पहचान के बाद उपचार तक पहुंचाना बड़ी चुनौती

HIV संक्रमण के मामलों में जांच के बाद मरीजों को ART से जोड़ना बेहद जरूरी कदम है। उपचार मरीज के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने और संक्रमण को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।ऐसे में MGM मेडिकल कॉलेज में सामने आए 6 मरीजों का उपचार से नहीं जुड़ पाना स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय है। इन मरीजों तक पहुंचने, उन्हें परामर्श देने और उपचार शुरू कराने के लिए प्रभावी फॉलोअप की जरूरत है।साथ ही, HIV से जुड़े सामाजिक भेदभाव और गलत धारणाओं को दूर करना भी जरूरी है, ताकि संक्रमित व्यक्ति बिना डर और संकोच के स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कर सकें।

अब इन 6 मरीजों तक उपचार पहुंचाना जरूरी

इंदौर में अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच हुई जांच के आंकड़े बताते हैं कि 357 संक्रमितों की पहचान के बाद 351 मरीजों को ART से जोड़ा गया। लेकिन 6 मरीजों का उपचार से बाहर रहना स्वास्थ्य विभाग के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है।अब यह देखना होगा कि इन मरीजों तक पहुंचने और उन्हें उपचार से जोड़ने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। साथ ही, भविष्य में जांच, परामर्श और उपचार के बीच बेहतर समन्वय कैसे बनाया जाता है। HIV संक्रमण से लड़ाई केवल जांच और आंकड़ों तक सीमित नहीं है। असली चुनौती हर संक्रमित व्यक्ति तक समय पर उपचार पहुंचाना, उसकी गोपनीयता बनाए रखना और उसे नियमित स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़े रखना है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m