Lifestyle Desk :- नवरात्रि के व्रत में कई बार एक जैसा खाना खाकर मन ऊबने लगता है। फलाहार में आलू, साबूदाना, कुट्टू और सिंघाड़े के आटे से बनी चीजें तो खा लेते हैं, लेकिन इनके साथ कुछ चटपटा मिल जाए तो खाने का स्वाद बढ़ जाता है। ऐसे में व्रत वाली चटनी एक अच्छा विकल्प है। आप घर पर मौजूद कुछ चीजों से अलग-अलग स्वाद की चटनी तैयार कर सकते हैं। इन्हें आलू के पकौड़े, फलाहारी चीला, साबूदाने की टिक्की और दूसरे व्रत वाले व्यंजनों के साथ खाया जा सकता है। आइए जानते हैं पांच तरह की चटनी बनाने का आसान तरीका।
धनिया और हरी मिर्च की चटनी
व्रत के खाने के साथ हरे धनिये की चटनी काफी स्वादिष्ट लगती है। इसे बनाने के लिए एक कटोरी हरा धनिया, एक-दो हरी मिर्च, आधा इंच अदरक, सेंधा नमक और थोड़ा नींबू का रस लें।
बनाने का तरीका-सबसे पहले धनिये को अच्छी तरह धो लें। अब इसे हरी मिर्च, अदरक, सेंधा नमक और थोड़े पानी के साथ पीस लें। आखिर में नींबू का रस मिलाकर अच्छी तरह चलाएं। आपकी चटपटी हरी चटनी तैयार है। इसे फलाहारी पकौड़ों या आलू की टिक्की के साथ परोस सकते हैं।

नारियल की चटनी
अगर आपको हल्के स्वाद वाली चटनी पसंद है, तो नारियल की चटनी बना सकते हैं। इसके लिए आधा कप ताजा कद्दूकस किया हुआ नारियल, एक हरी मिर्च, थोड़ा अदरक, सेंधा नमक और आवश्यकतानुसार पानी लें।
बनाने का तरीका-नारियल, हरी मिर्च, अदरक और सेंधा नमक को मिक्सर में डालें। थोड़ा पानी मिलाकर बारीक पीस लें। अगर चटनी ज्यादा गाढ़ी लगे तो थोड़ा और पानी डाल सकते हैं। इसे फलाहारी चीले या साबूदाने की टिक्की के साथ खाएं। व्रत में इसका सेवन करने से पहले ध्यान रखें कि इसमें इस्तेमाल होने वाली सभी सामग्री आपके उपवास के नियमों के अनुकूल हो।
मूंगफली की चटनी
मूंगफली की चटनी स्वाद के साथ खाने में अलग तरह का अनुभव देती है। इसे बनाने के लिए आधा कप भुनी हुई मूंगफली, एक हरी मिर्च, थोड़ा नींबू का रस और सेंधा नमक लें।
बनाने का तरीका-सबसे पहले मूंगफली के छिलके निकाल लें। अब इसे हरी मिर्च, सेंधा नमक और थोड़े पानी के साथ पीस लें। आखिर में नींबू का रस मिलाएं। आपकी स्वादिष्ट मूंगफली की चटनी तैयार है। इसे उबले आलू या फलाहारी पकौड़ों के साथ खा सकते हैं। मूंगफली से कुछ मात्रा में प्रोटीन और वसा भी मिलती है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में खाना बेहतर है।
दही और पुदीने की चटनी
व्रत में कुछ ठंडा और ताजगी भरा खाने का मन हो तो दही-पुदीने की चटनी अच्छा विकल्प है। इसे बनाने के लिए आधा कप ताजा दही, मुट्ठी भर पुदीने की पत्तियां, थोड़ा हरा धनिया, एक हरी मिर्च और सेंधा नमक लें।
बनाने का तरीका-पुदीने और धनिये को अच्छी तरह धोकर हरी मिर्च के साथ पीस लें। अब इस मिश्रण को दही में मिलाएं और सेंधा नमक डालकर अच्छी तरह फेंट लें। चटनी तैयार है। इसे कुट्टू के चीले या आलू की टिक्की के साथ परोस सकते हैं। दही ताजा हो और चटनी बनाने के बाद इसे देर तक बाहर रखने के बजाय फ्रिज में रखें।
इमली और खजूर की मीठी चटनी
अगर व्रत में मीठा और खट्टा स्वाद पसंद है, तो इमली और खजूर की चटनी बना सकते हैं। इसके लिए थोड़ी इमली, तीन-चार खजूर, सेंधा नमक और स्वाद के अनुसार थोड़ा भुना जीरा लें। भुना जीरा तभी डालें, जब वह आपके व्रत के नियमों के अनुसार हो।
बनाने का तरीका-इमली को गर्म पानी में भिगोकर उसका गूदा निकाल लें। खजूर के बीज हटाकर उन्हें नरम होने तक पानी में उबालें। अब खजूर को पीसकर इमली के गूदे में मिलाएं। सेंधा नमक डालकर मिश्रण को कुछ देर पकाएं, ताकि चटनी थोड़ी गाढ़ी हो जाए। ठंडा होने पर इसे फलाहारी पकौड़ों या आलू के व्यंजनों के साथ खाएं। ध्यान रखें कि खजूर में प्राकृतिक शर्करा होती है, इसलिए इसे बहुत ज्यादा मात्रा में न खाएं।
व्रत की चटनी बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
व्रत में हर व्यक्ति के खानपान के नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए चटनी बनाते समय साधारण नमक की जगह सेंधा नमक इस्तेमाल करें और ऐसी सामग्री न डालें, जिसे आपके यहां उपवास में खाना मना हो। चटनी हमेशा साफ-सफाई के साथ तैयार करें और ताजी सामग्री का इस्तेमाल करें। दही वाली चटनी को फ्रिज में रखें और लंबे समय तक बाहर न छोड़ें।
इन पांच तरह की चटनी से व्रत के साधारण भोजन में भी स्वाद का नया रंग जुड़ सकता है। अपनी पसंद के अनुसार मीठी, खट्टी या तीखी चटनी चुनें और फलाहार का आनंद लें।

