राजधानी दिल्ली में फ्लाईओवरों के नीचे खाली पड़ी जगहों का इस्तेमाल अब सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और शहर के सौंदर्यीकरण के लिए किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग (PWD) दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर शहरभर में 400 से 500 पुलिस बूथ बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इन बूथों के निर्माण का पूरा खर्च PWD उठाएगा और निर्माण पूरा होने के बाद इन्हें दिल्ली पुलिस (Delhi Police) को सौंप दिया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य व्यस्त चौराहों और प्रमुख सड़कों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाना है। फ्लाईओवरों के नीचे खाली पड़ी जगहों पर पुलिस बूथ बनने से आसपास के क्षेत्रों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
लोक निर्माण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने गुरुवार को चिराग दिल्ली और IIT दिल्ली फ्लाईओवर का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि फ्लाईओवरों के नीचे खाली पड़ी जगहों का इस्तेमाल जनहित में किया जाना चाहिए। यहां पुलिस बूथ बनने से लोगों को सुरक्षा का भरोसा मिलेगा और जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।
400 से 500 पुलिस बूथ बनाने की योजना
PWD और दिल्ली पुलिस की संयुक्त योजना के तहत राजधानी के अलग-अलग फ्लाईओवरों के नीचे 400 से 500 पुलिस बूथ बनाए जाएंगे। इनका उद्देश्य व्यस्त चौराहों और प्रमुख सड़कों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाना है। इससे आसपास के इलाकों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
निर्माण का खर्च उठाएगा PWD
योजना के अनुसार, पुलिस बूथों के निर्माण का पूरा खर्च लोक निर्माण विभाग वहन करेगा। निर्माण पूरा होने के बाद इन बूथों को दिल्ली पुलिस को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद पुलिसकर्मी यहां तैनात रहकर सुरक्षा और निगरानी संबंधी जिम्मेदारियां संभालेंगे।
CSR फंड से होगा फ्लाईओवरों का सौंदर्यीकरण
मंत्री ने बताया कि बड़ी कंपनियों के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड से फ्लाईओवरों के नीचे सौंदर्यीकरण का काम कराया जा रहा है। इसके लिए कंपनियों के साथ हुए समझौतों में दो से तीन साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी भी तय की गई है। इंडियन ऑयल ने पांच फ्लाईओवरों के सौंदर्यीकरण की जिम्मेदारी ली है। योजना के तहत हर फ्लाईओवर के नीचे की जगह की थीम आसपास के क्षेत्र की पहचान और जरूरतों को ध्यान में रखकर तय की गई है। इसका उद्देश्य खाली स्थानों को आकर्षक बनाने के साथ उनका बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करना है।
छह फ्लाईओवरों पर दिखेंगी अलग-अलग थीम
योजना के तहत छह प्रमुख स्थानों पर अलग-अलग थीम के आधार पर सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
चिराग दिल्ली फ्लाईओवर: प्रकृति और वन्यजीव थीम पर आधारित होगा।
पंचशील फ्लाईओवर: भारतीय शास्त्रीय नृत्य और आधुनिक कला को दर्शाया जाएगा।
IIT दिल्ली फ्लाईओवर: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की थीम पर विकसित होगा।
पंजाबी बाग फ्लाईओवर: यहां ‘योगशाला’ थीम पर सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
मुकरबा चौक फ्लाईओवर: इसे इंटर ट्रांजिट हब की थीम पर विकसित किया जाएगा।
अरबिंदो मार्ग फ्लाईओवर: यहां रंग-बिरंगी कलाकृतियां बनाई जाएंगी।
चिराग दिल्ली में दिखेगी हरियाली, IIT में तकनीक
चिराग दिल्ली फ्लाईओवर के नीचे खाली जगह को हरियाली और कलाकृतियों से सजाया जा रहा है। यहां दीवारों पर पक्षियों, वन्यजीवों और पेड़-पौधों से जुड़ी पेंटिंग बनाई जाएंगी। इसके अलावा प्रकृति और वन्यजीवों को दर्शाने वाले इंस्टॉलेशन भी लगाए जाएंगे। वहीं, IIT दिल्ली फ्लाईओवर के नीचे विज्ञान और तकनीक पर आधारित कलाकृतियां विकसित की जाएंगी। इस थीम के जरिए विज्ञान और तकनीकी विकास से जुड़ी जानकारियों को कलात्मक तरीके से प्रदर्शित करने की योजना है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

