प्रदीप गुप्ता, कवर्धा। कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड के बैगा बहुल वनांचल क्षेत्र महिडबरा में जनजाति एवं वनांचल क्षेत्र सर्व समाज की ओर से संस्कृति गौरव अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पंडरिया विधायक भावना बोहरा भी शामिल हुईं। इस दौरान ग्रामीणों और समाज के लोगों ने उनका स्वागत किया।
समारोह में बैगा आदिवासी, यादव समाज सहित विभिन्न समुदायों के 61 परिवारों ने सनातन धर्म में पुनः लौटने की घोषणा की। इस मौके पर विधायक भावना बोहरा ने पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार परिवारों के सदस्यों के पैर पखारे और उन्हें शॉल व श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।

आयोजकों के मुताबिक, सनातन धर्म में लौटने वाले परिवारों में बैगा आदिवासी, यादव समाज सहित विभिन्न समाजों के लोग शामिल हैं। जनजाति एवं वनांचल क्षेत्र सर्व समाज की ओर से आयोजित इस समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक प्रतिनिधि और जनजातीय समाज के प्रमुख मौजूद रहे।
स्वास्थ्य सुविधाओं और आर्थिक मदद के जरिए धर्म परिवर्तन का दावा
आयोजकों की ओर से दावा किया गया कि वनांचल क्षेत्र के कुछ गरीब परिवारों को पिछले कई वर्षों के दौरान स्वास्थ्य सुविधाएं, आर्थिक सहायता और अन्य प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया गया था। इसके बाद इन परिवारों ने अपनी पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से दोबारा जुड़ने का फैसला लिया। इसी फैसले के तहत 61 परिवारों का पारंपरिक रीति-रिवाज से अभिनंदन किया गया।
भावना बोहरा ने पैर पखारकर किया स्वागत
समारोह में विधायक भावना बोहरा ने परिवारों के सदस्यों का पैर पखारकर उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्हें शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी संस्कृति, परंपराओं, पुरखों की विरासत और ग्राम देवी-देवताओं के प्रति आस्था से जुड़ी है।

उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने जनजातीय अस्मिता और संस्कृति की रक्षा के लिए संघर्ष किया था। बोहरा के मुताबिक, अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति जागरूक रहना हर समाज की जिम्मेदारी है।
बोलीं- विधायक नहीं, समाजसेविका के तौर पर आई हूं
भावना बोहरा ने कहा कि वह इस आयोजन में विधायक के तौर पर नहीं, बल्कि एक समाजसेविका के रूप में शामिल हुई हैं। समाज के लोगों के साथ मिलकर सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और परंपराओं को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि समाज और संस्कृति के संरक्षण के लिए उनका यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
इस दौरान उन्होंने अपने विरोधियों पर भी निशाना साधा। बोहरा ने कहा कि उन्हें बदनाम करने की कोशिशों से वह पीछे हटने वाली नहीं हैं।
पहले भी 500 से अधिक परिवारों की वापसी का दावा
गौरतलब है कि भावना बोहरा इससे पहले भी 500 से अधिक परिवारों की सनातन धर्म में वापसी कराने का दावा कर चुकी हैं। महिडबरा में हुए इस आयोजन में 61 परिवारों के अभिनंदन के साथ जनजातीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा।
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