68500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल से मुलाकात कर आरक्षण संबंधी विसंगतियों के समाधान की मांग की. अभ्यर्थियों ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति के अनुसार ओबीसी अभ्यर्थियों को 150 में 60 अंक पर उत्तीर्ण मानने और पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग रखी.

लखनऊ. शुक्रवार को 68500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल से मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल ने भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण से जुड़ी विसंगतियों का मुद्दा उठाते हुए केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन सौंपा और समाधान के लिए हस्तक्षेप की मांग की.

अभ्यर्थियों का कहना है कि वे भर्ती में आरक्षण संबंधी समस्या को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं. उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने मामले में अभ्यर्थियों के पक्ष में संस्तुति की है, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी उसका प्रभावी अनुपालन नहीं हुआ है.

आयोग की संस्तुति का मुद्दा

अभ्यर्थियों के अनुसार, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति में 68500 शिक्षक भर्ती परीक्षा में ओबीसी अभ्यर्थियों को 150 में 60 अंक यानी 40 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने पर उत्तीर्ण मानने की बात कही गई है. आयोग ने इसके आधार पर परिणाम संशोधित कर पात्र अभ्यर्थियों को नियमानुसार नियुक्ति देने की सिफारिश की है.

अभ्यर्थियों का दावा है कि संस्तुति लागू होने से ओबीसी के अलावा दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित वर्ग के पात्र अभ्यर्थियों को भी लाभ मिल सकता है.

अनुप्रिया पटेल ने दिया आश्वासन

मुलाकात के दौरान केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने अभ्यर्थियों की समस्याएं सुनीं. अभ्यर्थियों के मुताबिक, उन्होंने आश्वासन दिया कि वह इस मामले को मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के सामने रखेंगी तथा समस्या के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करेंगी.