Sikar Police Election Duty: राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव के लिए सीकर जिले से करीब 690 पुलिस अधिकारियों और जवानों की ड्यूटी नवसृजित जिला फलौदी में लगाई गई है। इनमें से करीब 50 पुलिसकर्मियों ने अलग-अलग पारिवारिक कारणों का हवाला देकर अपनी ड्यूटी कटवाई है।

अब सीकर पुलिस ऐसे कार्मिकों का पुराना रिकॉर्ड खंगाल रही है, जिन्होंने पहले भी चुनाव या अन्य स्थानों पर ड्यूटी कटवाई थी। सूत्रों के अनुसार, कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और चार्जशीट जारी करने की तैयारी की जा रही है।

चुनावी ड्यूटी के लिए जारी हुई थीं दो सूचियां

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कानून व्यवस्था), राजस्थान जयपुर के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक संजीव नैन ने चुनावी ड्यूटी के आदेश जारी किए थे। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की कानून व्यवस्था सेल ने इसके लिए दो सूचियां जारी कीं। पहली सूची में 650 पुलिस अधिकारियों और जवानों के नाम शामिल थे। इसके बाद जारी संशोधित सूची में 38 जवानों के नाम जोड़े गए। इस तरह दोनों सूचियों में कुल 688 नाम हैं, जबकि ड्यूटी पर लगाए गए पुलिसकर्मियों की संख्या करीब 690 बताई गई है। ड्यूटी में एक डीएसपी, चार पुलिस निरीक्षक सहित उपनिरीक्षक, सहायक उपनिरीक्षक, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल शामिल हैं।

बीमारी और पारिवारिक कारण बताकर कटवाई ड्यूटी

सूत्रों के अनुसार, करीब 50 पुलिस अधिकारियों और जवानों ने अलग-अलग पारिवारिक कारण बताते हुए चुनावी ड्यूटी से राहत ली है। इनमें मां या पत्नी की बीमारी, खुद की तबीयत खराब होने और घर में बच्चों की देखभाल जैसी वजहें शामिल हैं। अब कानून व्यवस्था सेल ऐसे पुलिसकर्मियों की जानकारी जुटा रही है। विभाग यह भी पता लगा रहा है कि किन जवानों ने पहले भी अलग-अलग जगहों पर ड्यूटी कटवाई है।

पुराना रिकॉर्ड खंगाल रहा पुलिस विभाग

अधिकारियों के निर्देश पर ड्यूटी कटवाने वाले पुलिसकर्मियों का पुराना ट्रैक रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, बार-बार अलग-अलग कारणों से ड्यूटी कटवाने वाले कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। कुछ जवानों को चार्जशीट दिए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि, संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अंतिम निर्णय की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

ड्यूटी की सूची तैयार करने के तरीके पर भी सवाल

सूत्रों के मुताबिक, सीकर जिले के सभी पुलिस थानों, पुलिस लाइन और सीओ कार्यालयों से चुनावी ड्यूटी के लिए पुलिसकर्मियों की सूची मांगी गई थी। बताया जा रहा है कि कुछ ऐसे कांस्टेबलों की ड्यूटी काट दी गई, जिनके नाम संबंधित कार्यालयों से भेजे गए थे। वहीं, जिन कांस्टेबलों के नाम ड्यूटी के लिए नहीं भेजे गए थे, उनकी ड्यूटी लगा दी गई। इस प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कानून व्यवस्था सेल में तैनात एक कांस्टेबल की ड्यूटी रामगढ़ शेखावाटी थाने में होने के बावजूद उसके वहीं रहने की बात सामने आई है। चुनावी ड्यूटी में उसकी भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है।

ड्यूटी कटवाने वालों पर हो सकती है विभागीय कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, फलौदी के पुलिस अधीक्षक को सूची भेजे जाने के बाद भी कुछ पुलिसकर्मियों की ड्यूटी काटी गई। ऐसे मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के बाद बार-बार ड्यूटी कटवाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल, विभाग का जोर पुराने रिकॉर्ड की जांच और ड्यूटी कटवाने के कारणों की जानकारी जुटाने पर है।

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