Odish Desk, भुवनेश्वर: मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर के पास बारिश के कारण उफान पर आई एक पहाड़ी नदी में बह जाने से जान गंवाने वाले भुवनेश्वर के एक ही परिवार के 7 सदस्यों के शव रविवार देर रात राजधानी पहुंचे। इसके बाद पवित्र धाम पुरी के स्वर्गद्वार में बेहद गमगीन माहौल में सभी का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले के राजस्व विभाग के चार वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस की एक टीम तीन एंबुलेंस के जरिए सभी 7 शवों को लेकर रविवार देर रात लगभग 1:30 बजे भुवनेश्वर के जयदेव बिहार स्थित आत्मा राम बस्ती पहुंची। शवों के पहुंचने की खबर फैलते ही बनमाली बेहेरा के घर और जयदेव बिहार चौराहे पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
एंबुलेंस से जब बनमाली के बेटे शिबा प्रसाद बेहेरा, बेटियों राधा रानी व रीता रानी, दामाद ज्ञानेन्द्र, दो पोतों और एक पोती के शव नीचे उतारे गए, तो पूरा इलाका चीखों और कारुणिक क्रंदन से गूंज उठा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और व्यवस्था संभाली।
बस्ती में अंतिम दर्शन के बाद, तीनों शव वाहनों के जरिए शवों को जयदेव बिहार से उनके पुश्तैनी गांव गड़ाकण ले जाया गया। वहां रिश्तेदारों, ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों ने अश्रुपूरित आंखों से दिवंगत आत्माओं को अंतिम श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद रविवार रात ही सभी सात शवों को पवित्र तीर्थ नगरी पुरी के स्वर्गद्वार ले जाया गया, जहां धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। एक ही परिवार के सात लोगों के इस तरह दर्दनाक अंत से पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।
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