Business Desk – 8th Pay Commission Meeting Today : आठवें वेतन आयोग यानी 8th Pay Commission की बैठकों का सिलसिला लगातार जारी है। 7 और 8 सितंबर को चेन्नई में बैठक के बाद अब आज यानी 9 सितंबर से पुडुचेरी में बैठक होने वाली है। इसमें कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स के प्रतिनिधि आयोग के सामने अपनी मांगें रखेंगे।

हालांकि पुडुचेरी बैठक के लिए कोई अलग Agenda तय नहीं किया गया है। संगठनों की ओर से पहले दिए गए ज्ञापन में जिन मुद्दों और मांगों का जिक्र किया गया है, उन्हीं पर चर्चा होने की संभावना है। इस दौरान सबसे अहम मुद्दा Fitment Factor हो सकता है।
8th Pay Commission की बैठकें कहां-कहां होंगी?
आयोग की ओर से अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स से बातचीत का सिलसिला चल रहा है। अभी अक्टूबर तक का शेड्यूल सामने आया है।
पुडुचेरी: 9 सितंबर से बैठक
चंडीगढ़: 16 और 18 सितंबर को बैठक
बेंगलुरु: 7 और 8 अक्टूबर को बैठक
मुंबई: सितंबर या अक्टूबर में बैठक होने की संभावना
इन बैठकों का उद्देश्य कर्मचारियों और पेंशनर्स की मांगों को समझना और उनके सुझावों को आयोग की प्रक्रिया में शामिल करना है।
फिटमेंट फैक्टर पर क्यों है सबसे ज्यादा नजर?
केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स लंबे समय से Fitment Factor Hike की मांग कर रहे हैं। फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी होने पर कर्मचारियों के Basic Pay में बदलाव होगा और इसका असर वेतन के दूसरे हिस्सों पर भी पड़ सकता है। इसके अलावा कर्मचारी संगठन HRA यानी House Rent Allowance और Transport Allowance बढ़ाने जैसी मांगें भी उठा रहे हैं। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट में इन मांगों पर क्या सिफारिश करेगा।
कब आएगी 8th Pay Commission की रिपोर्ट?
कर्मचारी और पेंशनर्स अब आयोग की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। सरकार के अनुसार आयोग के सदस्य 3 मई 2026 तक रिपोर्ट पेश कर सकते हैं। रिपोर्ट आने के बाद सरकार उसकी समीक्षा करेगी और इसके बाद फिटमेंट फैक्टर समेत वेतन और पेंशन में बदलाव पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। इसलिए फिलहाल कर्मचारियों के लिए यह स्पष्ट नहीं है कि Fitment Factor कितना होगा और नए वेतन की गणना किस आधार पर की जाएगी।
जनवरी 2026 से मिल सकता है लाभ?
आठवें वेतन आयोग को लेकर यह उम्मीद जताई जा रही है कि लागू होने के बाद कर्मचारियों और पेंशनर्स को जनवरी 2026 से Salary और Pension Hike का लाभ मिल सकता है। हालांकि अंतिम फैसला सरकार की मंजूरी और आयोग की सिफारिशों के बाद ही स्पष्ट होगा।
सरकार की ओर से आयोग को यह भी कहा गया है कि उसे अपनी हर प्रगति या Update के बारे में सरकार को अलग से जानकारी देने की आवश्यकता नहीं है।
करीब 10 महीने से चल रही प्रक्रिया
आठवें वेतन आयोग के गठन को करीब 10 महीने का समय होने जा रहा है। इसके बाद से अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बैठकों का दौर चल रहा है। अभी तक अक्टूबर तक की बैठकों का शेड्यूल सामने आया है।
कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर अब इन बैठकों में रखी जाने वाली मांगों और आयोग की आगे की सिफारिशों पर है। खास तौर पर Fitment Factor, Basic Salary, HRA, Transport Allowance और Pension Revision जैसे मुद्दे सबसे ज्यादा चर्चा में हैं।



