Nag Panchami 2026: आज यानी 17 अगस्त, सोमवार को नाग पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है। इस बार नाग पंचमी और सावन का तीसरा सोमवार एक ही दिन पड़ रहा है। करीब 23 साल बाद यह अद्भुत संयोग बन रहा है, जिससे आज के दिन का धार्मिक महत्व और भी बढ़ गया है। सावन का सोमवार जहां, भगवान शिव को समर्पित होता है। वहीं, नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा की जाती है। ऐसे में एक ही दिन शिव पूजा और नाग देवता की आराधना का यह संयोग भक्तों के लिए बेहद खास माना जा रहा है।

सीएम सम्राट ने दी शुभकामना

नाग पंचमी के अवसर पर सीएम सम्राट चौधरी ने बिहारवासियों को पर्व की शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, नाग पंचमी के पावन पर्व की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान नाग देवता की कृपा से सभी के जीवन में सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली का वास हो और परिवार में सदैव मंगल बना रहे।

बासुकीनाथ धाम पहुंचे निशांत कुमार

वहीं, बिहार सावन के इस पवित्र महिने में जदयू नेता और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार देर रात बाबा बासुकीनाथ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने बाबा बासुकीनाथ धाम में महादेव के दर्शन-पूजन के उपरांत बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर में भी विधिवत पूजा-अर्चना कर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने सावन के इस पावन माह में भोलेनाथ से समस्त प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना की।

नाग पंचमी का महत्व

हिंदू धर्म में नाग पंचमी का पर्व भगवान शिव और नाग देवता की पूजा के लिए खास माना जाता है। आज के दिन नाग को दूध-लावा चढ़ाने और उनकी पूजा करने का रिवाज है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन नाग देवता की पूजा करने से परिवार पर उनकी कृपा बनी रहती है। साथ ही भय, बाधा व नकारात्मक उर्जाओं से मुक्ति मिलती है। सावन में नाग पंचमी होने के कारण भगवान शिव की पूजा का भी विशेष महत्व है। श्रद्धालु शिवलिंग पर जल चढ़ाने के साथ नाग देवता को दूध, फूल, चंदन और अक्षत अर्पित करते हैं। यह पर्व प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति सम्मान का संदेश भी देता है।

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