Governor Arif Mohammad Khan: बातचीत के क्रम में आरिफ मोहम्मद खान ने बताया कि, जब वह उत्तर प्रदेश में मंत्री थे, तो उनके पास वक्फ विभाग भी था. इस दौरान, उन्होंने कई लोगों से मुलाकात की जिनके वक्फ संपत्तियों से जुड़े मुकदमे चल रहे थे. उन्होंने कहा कि, वक्फ का मतलब है अपनी संपत्ति को अल्लाह की संपत्ति घोषित करना. वक्फ का उपयोग धर्मार्थ कार्यों और जनकल्याण के लिए हो.
‘सभी को मिलना चाहिए वक्फ का लाभ’
राज्यपाल ने सवाल पूछते हुए कहा कि, अल्लाह की संपत्ति का उपयोग किसके लिए और किन कामों के लिए होना चाहिए? खुद ही जवाब देते हुआ कि, इसका उपयोग धर्मार्थ कार्यों और जनकल्याण के लिए होना चाहिए. उन्होंने सवाल फिर से सवाल किया कि, पटना में कितनी वक्फ संपत्तियां हैं और उनमें से कितनी अस्पताल या अनाथालय चला रही हैं. उन्होंने यह भी कहा कि, वक्फ करने वाला व्यक्ति एक विशेष समुदाय का हो सकता है, लेकिन वक्फ का लाभ सभी को मिलना चाहिए, चाहे वे किसी भी धर्म के हों.
कुरान का हवाला देते हुए पूछा ये सवाल
राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कुरान का हवाला देते हुए कहा कि, इसमें आदमी के लिए दो शब्द इस्तेमाल किए गए हैं, फकीर और मिस्कीन. फकीर वह है जो निर्धन मुसलमान है, और मिस्कीन वह है जो गैर-मुस्लिम है. उन्होंने कहा कि, दोनों का वक्फ संपत्तियों पर बराबर का अधिकार है. उन्होंने पूछा कि, पटना में ऐसी कोई संस्था है, जो निर्धनों, गरीबों और कमजोरों के लिए काम कर रही हो.
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