Rajasthan Politics: टोंक से विधायक और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट दो दिन के दौरे पर अपने विधानसभा क्षेत्र पहुंचे। रविवार सुबह उन्होंने सर्किट हाउस में जनसुनवाई की, लोगों की समस्याएं सुनीं और अफसरों को जरूरी निर्देश भी दिए।

इसी दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए एसआईआर प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना था कि पूरा काम इतनी जल्दी में किया जा रहा है कि संदेह पैदा होता है। पायलट पहले भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने याद दिलाया कि बीएलओ की आत्महत्या जैसी घटनाएं दिखाती हैं कि प्रणाली में कुछ सही नहीं चल रहा। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में खाद की कमी और पुलिस पहरे में किए जा रहे खाद वितरण पर भी सरकार को घेरा।

खाद संकट पर पायलट बोले कि सरकार किसानों की नहीं सुन रही। अन्नदाता लाइन पर खड़ा है और उसे जरूरी खाद तक नहीं मिल पा रही। उन्होंने कहा कि जिस डबल इंजन सरकार की बात होती है, वह दोनों स्तर पर नाकाम दिखाई दे रही है।

राज्य सरकार के उस आदेश पर, जिसमें बाबरी विध्वंस की तारीख को शौर्य दिवस के रूप में मनाने की बात कही गई है, पायलट ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है और वह इस पर कुछ नहीं कहेंगे।

मौलाना महमूद मदनी के उस बयान पर भी पायलट ने प्रतिक्रिया नहीं दी जिसमें न्यायपालिका पर दबाव का आरोप लगाया गया था। सवाल पूछे जाने पर उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि जिस व्यक्ति का नाम लिया जा रहा है, उन्हें वे जानते तक नहीं।

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