पुरी : मकर संक्रांति पर बुधवार को 12वीं सदी के पुरी श्रीमंदिर में एक अनोखी और सुगंधित रस्म हुई, जहाँ प्रभु श्री जगन्नाथ को ‘दुनिया का सबसे बड़ा पान’ चढ़ाया गया।
हिंदू कैलेंडर में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक, मंदिर में इस विशाल पान को चढ़ाने की रस्म देखी गई, जो सदियों पुरानी ओडिया संस्कृति की एक परंपरा है।
1.5 से 2.5 फीट ऊँचा यह विशाल पान हडपा नायक सेवकों द्वारा बहुत सटीकता से बनाया जाता है। इसे बनाने की प्रक्रिया बहुत विस्तृत है, जिसमें ताज़े पान के पत्तों के लगभग सात बंडल (कड़ा) इस्तेमाल किए जाते हैं, जिन्हें लौंग का इस्तेमाल करके सावधानी से एक साथ सिला जाता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि यह प्रसाद भगवान के लिए उपयुक्त हो, इसमें इलायची, कपूर, चंदन, केसर और सुपारी सहित कई चीज़ें मिलाई जाती हैं।
मंदिर की मान्यताओं के अनुसार, यह प्रसाद एक पारिवारिक मिलन का प्रतीक है। देवी लक्ष्मी, जो इस दिन अपने मायके से श्रीमंदिर लौटती हैं, भगवान जगन्नाथ को शांत करने के लिए यह पान चढ़ाती हैं।

सेवक सोमनाथ पांडा ने बताया कि इस जटिल प्रक्रिया में तीन से चार घंटे लगते हैं, और अंतिम उत्पाद को केले के पत्तों में लपेटकर ‘द्विप्रहर धूप’ (दोपहर की पूजा) के दौरान, 84 तरह के पारंपरिक व्यंजनों के साथ चढ़ाया जाता है।
- साइबर अपराधों से सुरक्षा का रास्ता सुनिश्चित, राजधानी में तैयार हो रहा Cyber Centre of Excellence
- CG Murder News : शराब पार्टी के दौरान विवाद, गाली देने पर भड़के दो भाइयों ने युवक को उतारा मौत के घाट
- मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला पहुंचे रायपुर, हवाई सेवा की सौगात पर कहा- एक दिन का सफर अब 1.10 घंटे में होगा पूरा
- Bihar Top News 17 march 2026: कांग्रेस का प्रदर्शन, रसोई गैस के लिए हाहाकार, अवैध लॉटरी प्रेस पर छापा, महिला सिपाही की संदिग्ध मौत, भागलपुर में पानी की किल्लत, तीन घरों में चोरी, सभी खबरें पढ़ें एक क्लिक पर…
- बहू से झगडे़ के बाद सास ने मचाया बवाल: जमीन पर लोटकर पहुंची कलेक्ट्रेट, तहसीलदार की समझाइश पर हुई शांत

