Punjab and Haryana High Court Judge Bribery Case: चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रियल एस्टेट कारोबारी रूप बंसल को उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी है. हाईकोर्ट ने मुख्य याचिका को वापस लिया गया मानते हुए खारिज कर दिया है.

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Punjab and Haryana High Court Judge Bribery Case
Punjab and Haryana High Court Judge Bribery Case

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कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि रूप बंसल एक सप्ताह के भीतर 1 लाख रुपए की राशि हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा कराएं और उसकी रसीद रजिस्ट्री में पेश करें. यह एफआईआर ट्रायल कोर्ट के एक जज को रिश्वत देने की साजिश के आरोप में दर्ज की गई थी.

रूप बंसल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी के तहत मामला दर्ज है. इससे पहले फरवरी में बंसल ने एफआईआर रद्द कराने के लिए दायर अपनी पहली याचिका यह कहते हुए वापस ली थी कि वह बेहतर तथ्यों के साथ नई याचिका दाखिल करेंगे. इसके बाद अप्रैल में दूसरी याचिका दायर की गई, लेकिन बाद में उसे भी वापस लेने के लिए कोर्ट में आवेदन किया गया.

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दूसरी याचिका वापस लेने का मामला पहले दो जजों की बेंच के सामने सूचीबद्ध हुआ. इसके बाद रियल एस्टेट कारोबारी पर बेंच हंटिंग के आरोप लगे. इसके चलते मामला चीफ जस्टिस के सामने रखा गया. चीफ जस्टिस के खुद को इस मामले से अलग करने के बाद दो अन्य जजों ने भी सुनवाई से इंकार कर दिया.

अंत में यह मामला जस्टिस अमन चौधरी की बेंच के सामने सुनवाई के लिए आया. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद और प्रवर्तन निदेशालय और राज्य सरकार की ओर से कोई खास आपत्ति न होने पर, याचिकाकर्ता के वकील की ओर से दिए गए बयान को स्वीकार किया जाता है.

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