पटना। NEET छात्रा हत्याकांड को लेकर पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि बिहार में इस समय क्या हो रहा है, इसकी उन्हें प्रत्यक्ष जानकारी नहीं है, लेकिन मामला उन्होंने सुना है। अब जब केस की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है तो पूरी कार्रवाई सिस्टम और कानून के दायरे में ही होगी।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि परिजनों को राज्य पुलिस पर भरोसा नहीं था तो सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए जांच सीबीआई को दे दी। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। पांडे ने कहा कि पुलिस की भी अपनी मजबूरियां और चुनौतियां होती हैं, जबकि जनता का नजरिया समय-समय पर बदलता रहता है।

पटना पुलिस पर सवालों के बीच कड़ा संदेश

पटना पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवालों को लेकर पूर्व डीजीपी ने कहा कि अगर लोगों का भरोसा पुलिस से पूरी तरह खत्म हो जाए तो एक दिन के लिए पुलिस व्यवस्था हटा दी जाए और सिविल सोसाइटी अपराध को संभाल कर दिखा दे। उनका कहना था कि पुलिस व्यवस्था के बिना समाज में अराजकता फैल सकती है।

उन्होंने माना कि पुलिस व्यवस्था में कमियां हो सकती हैं, लेकिन पुलिस के बिना समाज की सुरक्षा संभव नहीं है।

DGP विनय कुमार की सराहना

गुप्तेश्वर पांडे ने वर्तमान डीजीपी विनय कुमार को सक्षम और उत्कृष्ट अधिकारी बताया। उन्होंने कहा कि विनय कुमार उनके साथ काम कर चुके हैं और प्रशासनिक दृष्टि से मजबूत व अनुभवी अधिकारी हैं।

सनातन विवाद पर भी बोले

प्रयागराज में मौनी अमावस्या के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी को रोके जाने पर उठे विवाद पर उन्होंने कहा कि सनातन धर्म विविधताओं से भरा है। शंकराचार्यों के बीच कोई आपसी लड़ाई नहीं है, बल्कि सनातनियों को आपस में लड़ाने की कोशिशें होती रही हैं। उन्होंने कहा कि सनातन का अर्थ ही है जो शाश्वत है, इसलिए यह अटूट है और अटूट रहेगा।