राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र का बुधवार को नौवां दिन रहा। सदन में सिंगरौली के धिरौली कोयला परियोजना का मामला उठा। इस मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने आदिवासियों को मुआजवा देने में गड़बड़ी का आरोप लगाया। साथ ही जेपीसी बनाने की मांग की। इसके अलावा सदन में गलत जानकारी देने का भी आरोप लगाया है। इसे लेकर जमकर नारेबाजी की और कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉक आउट कर दिया। इस मुद्दे पर हंगामे के चलते विधानसभा की कार्यवाही को कुछ देर के लिए दो बार स्थगित भी करना पड़ा।

नेता प्रतिपक्ष ने पूछे सवाल-राजस्व मंत्री का जवाब

बजट सत्र के नौवें दिन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सवाल पूछा कि कितने गांव थे ? कितनों का विस्थापन हुआ ? कितनों का नहीं हुआ ? इस पर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने जवाब दिया। विधानसभा में उन्होंने कहा कि 8 गांव में से 5 गांव की जमीन का अधिग्रहण किया गया है।

कोल विभाग कैसे दे दिया ?

उमंग सिंघार ने पूछा कि 8 गांव आते हैं, 3 गांव का अधिग्रहण नहीं किया गया तो फिर कोल विभाग कैसे दे दिया गया ? अधिग्रहण किए बगैर कैसे दे दिया है ? मंत्री करण सिंह ने कहा कि 3.68 अरब से ज्यादा की राशि से लोगों को बसाएंगे। हर आदिवासी को कम से कम 50 लाख रुपए मिलेंगे।

राजस्व मंत्री बोले- अतिक्रमण करने वालों को नहीं मिलेगा लाभ

इसके बाद नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 12 हजार 98 परिवार हैं। इस हिसाब से 2 लाख प्रति परिवार ही मिलेंगे। 50 लाख कैसे मिलेंगे ? राजस्व मंत्री ने बताया कि भूमि का दोगुना मुआवजा दिया गया है। मकान का अलग मुआवजा दिया गया। 1552 लोगों को मुआवजा का लाभ मिलेगा। अतिक्रमण करने वालों को लाभ नहीं दिया जाएगा।

विधानसभा अध्यक्ष बोले- मुआवजा मिलना चाहिए

उमंग सिंघार ने यह भी कहा कि 3 गांव का अधिग्रहण नहीं हुआ। पूरा मुआवजा नहीं दिया गया और कम्पनी को काम कैसे दे दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि पात्र लोगों को मुआवजा मिलना चाहिए। मुआवजा शीघ्र मिलना चाहिए। कोई उल्लंघन होगा तो मंत्री जांच कराएंगे।

थाना प्रभारी की पत्नी के खाते में रिश्वत की राशि का भी उठाया मुद्दा

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आदिवासियों को कब 50-50 लाख मिलेंगे ? जब तक जांच नहीं होती काम रुकना चाहिए। 2 महीने के लिए खदान रुक जाएगी तो कुछ नहीं बिगड़ेगा। वहीं जितेंद्र भदौरिया थाना प्रभारी की पत्नी को 15 लाख की रिश्वत मामले में जांच की मांग की है। सिंघार ने बताया कि थाना प्रभारी की पत्नी के खाते में 14 लाख दिए गए, ये जानकारी पटल पर रखता हूं। इस मामले की विधानसभा स्तर पर जांच होना चाहिए।

प्रभारी मंत्री बोलीं- 33 हजार पेड़ कटे, कोयला खनन नहीं हो रहा है

कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि आदिवासियों का मामला है। कमेटी में दोनों दलों के सदस्य रख लिए जाएं और मौके पर जाकर जांच कर आएं। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। वहीं प्रभारी मंत्री संपतिया उइके ने कहा कि 33 हजार पेड़ कटे हैं। ये रिकॉर्ड में हैं। अभी सिर्फ मिट्टी हटाई जा रही है। कोयला का खनन नहीं हो रहा है। उमंग सिंघार ने कहा कि अंदर किसी को जाने नहीं दिया गया। 4 हजार की फोर्स लगा दी गई थी। भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि यही तो कह रहे कि खनन हो रहा है। इसकी जांच करने में क्या आपत्ति है।

सिंगरौली में कॉल आवंटन गड़बड़ी मामले में राजस्व मंत्री ने कही ये बात

वहीं मीडिया से चर्चा करते हुए राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने विपक्ष के हंगामे पर कहा कि वह अपना काम कर रहा है। हम अपना काम कर रहे हैं। किसी भी आदिवासी के साथ अन्याय नहीं किया जाएगा। जिन गांवों में खदाने शुरू की गई है, वहां पर बाकायदा जमीन अधिकृत कर मुआवजा वितरित किया गया है। इसके साथ ही जिन गांवों में अधिग्रहण होना है। वहां पर पहले स्थानीय आदिवासियों को मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही हमारी सरकार उनके लिए नौकरी व्यवसाय की भी व्यवस्था कर रही है।

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