शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश में डिजिटल अरेस्ट मामले में पहली बार केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एफआईआर दर्ज की है। भोपाल साइबर पुलिस ने मामले में FIR की थी। सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए सीबीआई को FIR दर्ज करने के निर्देश दिए थे। आइए जानते है आखिर पूरा मामला क्या है…
डिजिटल अरेस्ट मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई ने पहली बार FIR की दर्ज है। दरअसल, राजधानी भोपाल में 18 नवंबर 2025 को 64 वर्षीय अरुणा चिंचोलकर के साथ 25 लाख 65 हजार की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपी ने पीड़िता को व्हाट्सएप कॉलिंग पर आंतरिक सुरक्षा विभाग और काउंटर टेररिज्म विभाग का अधिकारी बताया था। सुरक्षा एजेंसी का अफसर बताकर लाखों रुपये ठग लिए थे।
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इस मामले में भोपाल साइबर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया और सीबीआई को FIR दर्ज करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद सीबीआई ने केस दर्ज किया है। आपको बता दें कि प्रदेश में पिछले कुछ समय से लगातार डिजिटल अरेस्ट के मामले सामने आ रहे है। वहीं भोपाल में महिला से हुई लाखों की धोखाधड़ी मामले में न अब तक पैसा वापस मिला है और न ही आरोपी पकड़े गए। फिलहाल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की टीम जांच पड़ताल में जुटी हुई है।

