दिल्ली पुलिस ने साउथ-ईस्ट दिल्ली में ‘TEJAS पेट्रोल’ नाम से एक नई पहल शुरू की है। इस पहल के तहत AI-पावर्ड ‘तेजस’ हाईवे पेट्रोल फ्लीट को तैनात किया गया है, जिसका उद्देश्य सड़कों पर सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करना है। शुक्रवार को मधुप तिवारी, स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस, और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने साउथ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट में इस हाईटेक पेट्रोल फ्लीट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

पुलिस के अनुसार, ‘TEJAS पेट्रोल’ के तहत अत्याधुनिक तकनीक से लैस वाहन हाईवे और प्रमुख सड़कों पर गश्त करेंगे। इनका मकसद अपराध पर नियंत्रण, आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाना है।

साउथ-ईस्ट दिल्ली में शुरू की गई ‘TEJAS पेट्रोल’ पहल को लेकर दिल्ली पुलिस ने इसकी खास तैयारियों की जानकारी दी है। स्पेशल कमिश्नर मधुप तिवारी ने बताया कि इस पहल के तहत खास तौर पर रात में प्रभावी गश्त सुनिश्चित करने के लिए ‘योद्धा’ नाम से विशेष वाहन तैयार किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि इन ‘योद्धा’ गाड़ियों के माध्यम से संवेदनशील इलाकों में डीप पेट्रोलिंग की जाएगी, ताकि अपराध पर बेहतर नियंत्रण रखा जा सके। इन वाहनों में जीपीएस सिस्टम और कई आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जो गश्त के दौरान पुलिस की मदद करेंगे। अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल इस पहल के तहत 5 ‘योद्धा’ गाड़ियां और मोटरसाइकिलों को तैयार किया गया है, जिन्हें रणनीतिक रूप से तैनात किया जाएगा। पुलिस का मानना है कि इस हाईटेक पेट्रोलिंग व्यवस्था से खासकर रात के समय सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया संभव हो सकेगी।

विजिबल पुलिसिंग को मजबूत करना मसकद

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इस पहल का मकसद विजिबल पुलिसिंग को बढ़ाना, अपराध की रोकथाम को मजबूत करना और संवेदनशील इलाकों में तेजी से प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है। अधिकारी ने बताया कि यह पहल पारंपरिक रूटीन पेट्रोलिंग से अलग एक स्ट्रक्चर्ड, इंटेलिजेंस-लेड एरिया डॉमिनेशन मॉडल की ओर बदलाव है। इस मॉडल को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक और रियल-टाइम मॉनिटरिंग का समर्थन मिला है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत नजर रखी जा सकेगी।

पुलिस के अनुसार, ‘TEJAS पेट्रोल’ के तहत हाईटेक वाहनों, जीपीएस सिस्टम और आधुनिक उपकरणों की मदद से गश्त को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इससे अपराध नियंत्रण, आपात स्थितियों में त्वरित सहायता और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।

मोबाइल कमांड यूनिट के तौर पर काम करेंगे खास चार पहिया वाहन

अधिकारियों के अनुसार, इस पहल में तैनात चार पहिया वाहन मोबाइल कमांड यूनिट के रूप में काम करेंगे। ये हाईटेक वाहन इलाके की निगरानी, समन्वय और आपात स्थितियों में त्वरित निर्णय लेने में मदद करेंगे। वहीं दोपहिया वाहन संकरी गलियों, भीड़भाड़ वाले बाजारों और उन स्थानों तक तेजी से पहुंच सुनिश्चित करेंगे, जहां चार पहिया वाहनों की पहुंच मुश्किल होती है। इससे पुलिस की प्रतिक्रिया समय में कमी आएगी और संवेदनशील क्षेत्रों में तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी।

ऑटोमेटेड डैशबोर्ड के जरिये पेट्रोलिंग मूवमेंट पर नजर रहेगी

पुलिस के अनुसार, डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम में एक ऑटोमेटेड डैशबोर्ड लगाया जाएगा, जिसके जरिए पेट्रोलिंग टीमों की मूवमेंट पर रियल-टाइम नजर रखी जा सकेगी। यह सिस्टम स्पेशल कवरेज और तैनाती (डिप्लॉयमेंट) से जुड़े आंकड़ों को ट्रैक करेगा, ताकि जवाबदेही तय हो सके। यह AI-रेडी प्लेटफॉर्म होगा, जो हॉटस्पॉट की पहचान (मैपिंग) करने और डेटा के आधार पर पुलिस बल व संसाधनों की बेहतर तैनाती (रिसोर्स एलोकेशन) में मदद करेगा, जिससे कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

आदतन अपराधियों पर कसेगा शिकंजा

दिल्ली पुलिस के अनुसार, तेजस पेट्रोल टीम आदतन अपराधियों के खिलाफ सरप्राइज चेकिंग और टारगेटेड ड्राइव चलाएगी। विभाग का फोकस लगातार और अनिश्चित (अनप्रेडिक्टेबल) पुलिस मौजूदगी बनाए रखने पर है, ताकि अपराधों की रोकथाम हो, लोगों का भरोसा बढ़े और जिले में सड़क सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके।

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