राजधानी दिल्ली के बाहरी जिले की पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जाल में फंसाकर लूटपाट करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में गिरोह का सरगना और मुख्य साजिशकर्ता भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह इंस्टाग्राम पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क करता था और दोस्ती या मुलाकात के बहाने उन्हें सुनसान जगहों पर बुलाता था। वहां पहले से मौजूद साथी पीड़ित को घेरकर मोबाइल, नकदी और अन्य कीमती सामान लूट लेते थे।

जांच में सामने आया कि गिरोह का सरगना कारोबार में करीब 70 लाख रुपये का नुकसान होने के बाद अपराध की राह पर उतर आया था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस तरह की वारदातों की योजना बनाई। अब तक यह गिरोह कम से कम पांच लोगों को अपना शिकार बना चुका था। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटे गए मोबाइल फोन और अन्य सामान भी बरामद किए हैं।

बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सचिन शर्मा के मुताबिक, NSIT (एनएसआईटी) से बीटेक कर रहे एक छात्र ने रविवार को शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित छात्र ने बताया कि उसने इंस्टाग्राम पर कम कीमत पर क्रिप्टोकरेंसी बेचने का एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में दिए गए फोन नंबर पर संपर्क करने पर आरोपी ने उसे नकद रुपये लेकर पश्चिम विहार ईस्ट मेट्रो स्टेशन के बाहर मिलने के लिए बुलाया। जब छात्र तय जगह पर पहुंचा, तो वहां पहले से मौजूद बदमाशों ने उसे घेर लिया। आरोप है कि उन्होंने पिस्टल दिखाकर उसे धमकाया और उसके पास मौजूद 1.83 लाख रुपये लूट लिए। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

इंस्टाग्राम-मोबाइल नंबर से गैंग तक पहुंची पुलिस

पीड़ित छात्र की शिकायत पर पश्चिम विहार ईस्ट थाना में एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद एसटीएफ प्रभारी इंस्पेक्टर राजपाल मीणा की टीम ने इंस्टाग्राम अकाउंट और मोबाइल नंबर के आधार पर तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने मंगलवार को सबसे पहले आरोपी अमित रेसर को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर गिरोह के अन्य सदस्यों  अमित जैन, प्रीतपाल, अभय, निखिल, शिवम और हरीश को भी पकड़ लिया गया।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से लूटी गई रकम में से 1.45 लाख रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल पिस्टल, एक कार, दो दोपहिया वाहन बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह सोशल मीडिया पर सस्ते दाम में क्रिप्टोकरेंसी बेचने का लालच देकर लोगों को सुनसान जगह पर बुलाता था और फिर हथियार के बल पर लूटपाट करता था। पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित शिकारों और वारदातों की भी जांच कर रही है।

चावल कारोबारी है गिरोह का सरगना

जांच में सामने आया है कि गिरोह का सरगना अमित जैन पेशे से चावल कारोबारी था। कारोबार में भारी घाटा होने के बाद उसने सोशल मीडिया के जरिए लोगों को फंसाकर साथियों के साथ लूटपाट शुरू कर दी। आरोपी इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर सस्ते दाम में क्रिप्टोकरेंसी बेचने का लालच देकर शिकार को तय जगह पर बुलाते थे और फिर हथियार के बल पर वारदात को अंजाम देते थे।

पुलिस के मुताबिक, अब तक की जांच में इस गिरोह द्वारा की गई पांच अन्य वारदातों का भी पता चला है। हालांकि, इन मामलों में से केवल एक केस ही दर्ज हुआ था, जो 9 फरवरी को सुभाष प्लेस थाना में एफआईआर के रूप में सामने आया। जांच से यह भी स्पष्ट हुआ है कि गिरोह नवंबर से फरवरी के बीच लगातार सक्रिय रहा और इसी अवधि में सभी वारदातों को अंजाम दिया।

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