सहरसा। जिले में कानून के रक्षक को डराने के लिए उसके मासूम बेटे की बलि दे दी गई। अधिवक्ता अनुज कुमार निराला के 13 वर्षीय पुत्र अंकित आनंद की हत्या के मामले में पुलिस की SIT ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए मुख्य साजिशकर्ता और दो शूटर्स समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
हत्या की साजिश और सुपारी का खेल
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी पवन ठाकुर, वकील अनुज कुमार द्वारा पैरवी किए जा रहे एक ‘अटेम्प्ट टू मर्डर’ केस से नाराज था। केस ‘स्पीडी ट्रायल’ में था और पवन को सजा होने का डर था। उसने अधिवक्ता पर केस छोड़ने का दबाव बनाया, लेकिन इनकार करने पर उसने अंकित की हत्या की साजिश रची। यह सौदा 2 लाख रुपये में तय हुआ था, जिसमें से 1 लाख नकद और एक स्प्लेंडर बाइक देकर शूटर्स को हायर किया गया था।
18 फरवरी की वह काली दोपहर
18 फरवरी को जब अंकित स्कूल से लौट रहा था, तभी शूटर ललटू और सूरज ने उसके सिर में गोली मार दी। दो दिनों तक चले इलाज के बाद 20 फरवरी को मासूम ने दम तोड़ दिया। सहरसा एसपी हिमांशु कुमार के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर अपराधियों को खगड़िया और सुपौल जिलों से दबोचा गया।
हथियार बरामद और पड़ोसियों की भूमिका
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त देसी कट्टा और खोखा बरामद कर बैलिस्टिक जांच के लिए भेज दिया है। पीड़ित पिता ने अपने पड़ोसियों (विपिन और राधेश्याम ठाकुर) पर भी साजिश में शामिल होने का संदेह जताया है, जिनसे उनका पुराना भूमि विवाद चल रहा है। फिलहाल, पुलिस सभी बिंदुओं पर गहनता से तफ्तीश कर रही है।
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