किशनगंज। जिले में सोमवार को जनता दल यूनाइटेड (JDU) के जिलाध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। खगड़ा स्टेडियम के पास आयोजित पार्टी की बैठक तब अखाड़े में तब्दील हो गई, जब चयन प्रक्रिया को लेकर कार्यकर्ताओं के दो गुट आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

​अपारदर्शिता के आरोप और गुटबाजी

विवाद की मुख्य वजह चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी बताई जा रही है। जेडीयू नेता मकसूद अंसारी उर्फ अनवर और उनके समर्थकों का आरोप है कि कुछ पदाधिकारी लोकतांत्रिक मूल्यों को ताक पर रखकर बंद कमरे में अपने चहेते उम्मीदवार को अध्यक्ष बनाना चाहते थे। खुले और निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर शुरू हुई बहस धक्का-मुक्की और तीखी झड़प में बदल गई। इस हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी जगजाहिर हो गई है।

​पुलिस की कार्रवाई और चुनावी रोक

तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए एसडीपीओ गौतम कुमार और टाउन थानाध्यक्ष दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। फिलहाल, विवाद के कारण चुनावी प्रक्रिया को रोक दिया गया है। स्थानीय नेतृत्व ने पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट पटना स्थित आलाकमान को भेज दी है।

​पटना नेतृत्व पर टिकी निगाहें

इस घटना ने जेडीयू के भीतर अनुशासन और सांगठनिक मजबूती पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह खींचतान भविष्य में पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा सकती है। अब सभी की नजरें पटना मुख्यालय पर हैं, जहां से नई चुनाव तिथि या अनुशासनहीनता पर कार्रवाई का फैसला होना बाकी है।