सोहराब आलम/​मोतिहारी। होली के त्योहार से ठीक पहले पूर्वी चंपारण जिले में पुलिस महकमे के भीतर एक बड़ी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ देखने को मिली है। कर्तव्य के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतने के आरोप में एसपी स्वर्ण प्रभात ने कड़ा रुख अपनाते हुए 37 सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई ने पूरे जिले के पुलिस बेड़े में हड़कंप मचा दिया है।

​लापरवाही पर भारी पड़ा अनुशासन का डंडा

​सूत्रों के अनुसार, होली जैसे संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण समय में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए जिले भर में विशेष बलों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। हालांकि, निरीक्षण के दौरान पाया गया कि ये 37 जवान बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के अपनी ड्यूटी से गायब थे। एसपी ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की और स्पष्ट किया कि जनसुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा।

​सुरक्षा के कड़े इंतजाम और फ्लैग मार्च

​एक तरफ जहां विभाग के अंदर सफाई अभियान चल रहा है, वहीं दूसरी ओर आम जनता के बीच सुरक्षा का भाव भरने के लिए विभिन्न थाना क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला गया। एसपी स्वर्ण प्रभात ने सख्त लहजे में कहा है कि:
​शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों पर पैनी नजर रहेगी।
​हुड़दंगियों और शांति भंग करने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी।
​क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है।

जवाबदेही तय करने की बड़ी पहल

​इस कार्रवाई को पुलिस प्रशासन के भीतर जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। संदेश साफ है—चाहे अपराधी हो या कानून के रक्षक, नियमों की अनदेखी करने वालों पर खाकी का रुख इस बार बेहद सख्त रहने वाला है। मोतिहारी पुलिस अब ‘एक्शन मोड’ में है ताकि जिले में शांतिपूर्ण और सुरक्षित होली मनाई जा सके।