पटना। बिहार की राजनीति में लंबे समय से चल रही अटकलों पर अब विराम लगता दिख रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में कदम रखने जा रहे हैं। जदयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री श्रवण कुमार ने इस खबर की पुष्टि करते हुए संकेत दिया है कि 5 मार्च को निशांत औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ले सकते हैं। इस घोषणा के बाद जदयू कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है और पार्टी कार्यालय के बाहर जश्न का माहौल शुरू हो गया है।
मंत्री श्रवण कुमार का बड़ा बयान
मुख्यमंत्री के बेहद करीबी माने जाने वाले ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने नालंदा में कहा कि बिहार के युवाओं और पार्टी कार्यकर्ताओं की यह पुरानी मांग थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन को निशांत कुमार जैसे शालीन और प्रगतिशील व्यक्तित्व की जरूरत है। उनके आने से पार्टी न केवल मजबूत होगी, बल्कि कार्यकर्ताओं में नए जोश का संचार होगा। हालांकि, उन्हें राज्यसभा भेजने या सीधे सीएम की विरासत सौंपने के सवाल पर मंत्री ने फिलहाल चुप्पी साधे रखी।
कार्यकर्ताओं में जश्न और भावी सीएम की मांग
पार्टी कार्यालय के बाहर जुटे कार्यकर्ताओं ने इसे ‘होली का उपहार’ करार दिया है। समर्थकों का कहना है कि वे सालों से निशांत कुमार को राजनीति में देखने का इंतजार कर रहे थे। कार्यकर्ताओं ने न केवल उनके स्वागत की तैयारी की है, बल्कि उन्हें भविष्य के मुख्यमंत्री और यहां तक कि प्रधानमंत्री के रूप में देखने की इच्छा भी जताई है।
पप्पू यादव का समर्थन
सांसद पप्पू यादव ने भी इस कदम का खुलकर स्वागत किया है। उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा कि जदयू को ‘विभीषणों’ से बचाने के लिए निशांत की एंट्री जरूरी है। यादव ने सुझाव दिया कि जदयू और बिहार के भविष्य के लिए नीतीश कुमार के बाद निशांत को ही मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। उन्होंने निशांत को राज्यसभा भेजे जाने की चर्चाओं का भी समर्थन किया।
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें

