महाराष्ट्र के विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA) की तरफ से शरद पवार को राज्यसभा भेजा जाना तय हो गया है. कांग्रेस ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है. पिछले काफी समय से उनके नाम को लेकर कयास लगाए जा रहे थे. यह घटनाक्रम पवार की बेटी और संसद सुप्रिया सुले और जितेंद्र अवध की राज्य में कांग्रेस नेतृत्व के शीर्ष नेताओं से मुलाकात और संभावित नामांकन पर चर्चा के बाद हुआ. हर्षवर्धन सपकाल, विजय वडेट्टीवार और सतेज पाटिल सहित कांग्रेस नेताओं ने प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए नामांकन को मंजूरी दे दी.

कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव में महाराष्ट्र से महा विकास आघाडी (MVA) उम्मीदवार के तौर पर एनसीपी (शरद पवार) के प्रमुख शरद पवार का समर्थन करने का ऐलान किया है.अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव रमेश चेन्नीथला ने यह घोषणा की. सुप्रिया सुले ने MVA सहयोगियों का आभार व्यक्त किया है.

बैठक के बाद सुले और वरिष्ठ एनसीपी नेता जयंत पाटिल पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे के आधिकारिक आवास मातोश्री पहुंचे और इस कदम पर ठाकरे की सहमति मांगी. ठाकरे ने पवार को राज्यसभा में लगातार दूसरी बार नामित किए जाने का भी विरोध नहीं किया.

मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस पार्टी-एससीपी की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, ‘कांग्रेस और शिवसेना द्वारा दिखाई गई उदारता के लिए मैं उनका सदा आभारी रहूंगी’.

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव रमेश चेन्निथला ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें 16 मार्च को होने वाले चुनाव में शरद पवार का समर्थन करने के फैसले के बारे में बताने के लिए कहा है.

इससे पहले कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार कहा था कि पार्टी हाईकमान ने आगामी उच्च सदन चुनावों के लिए MVA की ओर से शरद पवार जैसे अनुभवी राजनेता की उम्मीदवारी को मंजूरी दे दी है. विधायक ने कहा था कि हमें हाई कमांड से संकेत मिल गया है. शरद पवार महा विकास अघाड़ी के उम्मीदवार होंगे.

MVA राज्यसभा और विधान परिषद में सिर्फ एक-एक सदस्य को निर्वाचित कराने में सफल हो सकती है. शिवसेना (यूबीटी) के पास 20 विधायक हैं, उसके बाद कांग्रेस के पास 16 और एनसीपी (शरद पवार) के पास 10 विधायक हैं. विधानसभा में भारी बहुमत के कारण बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति को सात में से छह सीटें मिलने की संभावना है.

महाराष्ट्र , ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना से निर्वाचित 37 सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल महीने में समाप्त हो जाएगा, जिससे नए सदस्यों के चुनाव के लिए सीटें खाली हो जाएंगी. भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने आगामी राज्यसभा चुनावों का कार्यक्रम घोषित कर दिया है, जिसमें 10 राज्यों की 37 सीटों को भरा जाएगा, क्योंकि सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त होने वाला है.

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