अशोक कुमार जायसवाल, चंदौली. उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वाराणसी ने डीडीयू नगर (मुगलसराय) स्थित एक औद्योगिक इकाई के खिलाफ प्रदूषण फैलाने के आरोप में कार्रवाई शुरू की है. यह कार्रवाई स्थानीय निवासी विकास शर्मा की आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायत के बाद की गई. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मेसर्स कुमार औद्योगिक विकास प्राइवेट लिमिटेड से लगातार काला और जहरीला धुआं निकल रहा है. इससे आसपास के निवासियों को परेशानी हो रही है और क्षेत्र का पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है.

शिकायत की गंभीरता को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने उद्योग का स्थलीय निरीक्षण किया. जांच में पाया गया कि उद्योग में भाप उत्पादन के लिए 8 टन प्रति घंटा और 3 टन प्रति घंटा क्षमता के दो बॉयलर चल रहे थे. इनमें बायो-ब्रिकेट्स का उपयोग ईंधन के रूप में किया जा रहा था. निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि फ्लू गैसों के उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए लगाए गए साइक्लोन डस्ट कलेक्टर और चिमनी व्यवस्था ठीक से काम नहीं कर रही थी. प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की कार्यप्रणाली संतोषजनक ना पाए जाने पर विभाग ने औद्योगिक इकाई को नोटिस जारी किया है.

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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी रोहित सिंह ने बताया कि उद्योग को पूर्व में जल एवं वायु अधिनियम के तहत सशर्त सहमति दी गई थी. हालांकि, निरीक्षण में पर्यावरणीय मानकों का पालन नहीं पाया गया. इसी कारण उद्योग प्रबंधन को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है. स्थानीय लोगों ने उद्योग से निकलने वाले धुएं पर रोक लगाने और नियमित निगरानी की मांग की है. उनका कहना है कि इससे क्षेत्र में प्रदूषण की समस्या से राहत मिल सकेगी.