हेमंत शर्मा, इंदौर। महू में मिले गौवंश के अवशेषों को लेकर सियासत भी गर्मा गई है और प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव भी बढ़ गया है। पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया देते हुए साफ कहा है कि गौवंश की हत्या किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जो नजीर बने। 

गौवंश के अवशेष मिलने के बाद क्षेत्र में आक्रोश

महू में बड़ी मात्रा में गौवंश के अवशेष मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बना हुआ है। इस बीच भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन को सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह केवल कानून का उल्लंघन नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था पर सीधा हमला है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की नरमी समाज में गलत संदेश देगी। उषा ठाकुर ने दावा किया कि मुख्य आरोपी इमरान खटखट का नाम पहले भी गौवंश कटने की घटनाओं से जुड़ता रहा है। 

‘अब इमरान खटखट का बाड़ा टूटेगा’

उन्होंने कहा कि यदि बार-बार शिकायतों और आरोपों के बावजूद ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं तो प्रशासन को और अधिक कठोर कदम उठाने होंगे। ठाकुर ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि “अब इमरान खटखट का बाड़ा टूटेगा” और कानून के दायरे में रहकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। विधायक ने बताया कि उन्होंने पूरे मामले को लेकर महू के पुलिस अधीक्षक से चर्चा की है और आरोपियों को कठोरतम दंड दिलाने की मांग की है। 

गौवंश वध को लेकर सख्त कानून

उनका कहना है कि मध्यप्रदेश में गौवंश वध को लेकर सख्त कानून मौजूद हैं और इन कानूनों का पूरी ताकत से पालन होना चाहिए। जो लोग इस तरह की गतिविधियों में शामिल हैं, उनके खिलाफ केवल आपराधिक कार्रवाई ही नहीं बल्कि उनकी अवैध संपत्तियों और निर्माणों की भी जांच होनी चाहिए।

पत्थरबाजी की घटना को बताया गंभीर

उषा ठाकुर ने महू में पुलिस और कैंटोनमेंट कर्मचारियों पर कथित पत्थरबाजी की घटना को भी गंभीर बताते हुए कहा कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध हिंसा के जरिए करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है और ऐसे तत्वों पर भी कड़ी कार्रवाई जरूरी है।

यह है पूरा मामला

दरअसल, बुधवार को महू क्षेत्र में बड़ी मात्रा में गौवंश के अवशेष मिलने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और जांच शुरू की गई। मामले में पुलिस ने इमरान समेत चार आरोपियों के खिलाफ मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।

पुलिस जांच और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी नजर

फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।इस घटना ने एक बार फिर गौवंश संरक्षण, कानून व्यवस्था और प्रशासनिक सख्ती को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है कि आरोपियों के खिलाफ कितना कठोर कदम उठाया जाता है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m