Lalluram Desk. होली के शुभ पर्व के साथ 4 मार्च से चैत्र मास की शुरुआत हो गई है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह साल का पहला महीना माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से ही भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना शुरू की थी। इसलिए इस माह का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। पूरे महीने कई प्रमुख व्रत और त्योहार मनाए जाएंगे।

चैत्र मास के प्रमुख व्रत-त्योहारों की बात करें तो 6 मार्च को संकष्टी चतुर्थी, 8 मार्च को रंग पंचमी, 11 मार्च को शीतला अष्टमी, 15 मार्च को पाप मोचिनी एकादशी व्रत, 16 मार्च को प्रदोष व्रत और 17 मार्च को मासिक शिवरात्रि मनाई जाएगी। इसके बाद 18 मार्च को चैत्र अमावस्या होगी।

प्रमुख त्योहार और व्रत

19 मार्च से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होगी। इसी दिन गुड़ी पड़वा, उगादी और हिंदू नववर्ष का भी आरंभ होगा। 21 मार्च को गणगौर पूजा की जाएगी, जबकि 24 मार्च को चैती छठ और यमुना छठ का पर्व मनाया जाएगा। 26 मार्च को राम नवमी का पर्व आएगा। 27 मार्च को चैत्र नवरात्रि व्रत पारण होगा। 29 मार्च को कामदा एकादशी, 31 मार्च को महावीर जयंती मनाई जाएगी। वहीं 2 अप्रैल को हनुमान जयंती और चैत्र पूर्णिमा का पर्व रहेगा।

चैत्र माह के विशेष उपाय

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चैत्र महीने में रोज सुबह उठकर सूर्यदेव को जल अर्पित करना शुभ माना जाता है। इस महीने में पंखा, घड़ा और सूती वस्त्र समेत अन्य वस्तुओं का दान करना भी फलदायी माना जाता है। साथ ही चैत्र मास में दुर्गा सप्तशती का पाठ या देवी उपासना करना भी शुभ माना जाता है।

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