सुप्रिया पांडेय, रायपुर। छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता, मेहनत और नवाचार के बल पर नई पहचान बना रही हैं और हमारी सरकार उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ये बातें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘लखपति दीदी संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आई स्व-सहायता समूह की हजारों महिलाएं और लखपति दीदियां उत्साहपूर्वक शामिल हुईं।

कार्यक्रम में डिप्टी सीएम विजय शर्मा, मंत्री टंकराम वर्मा, गुरु खुशवंत साहेब, लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक सुनील सोनी समेत बड़ी तादाद में महिलाएं मौजूद थी। कार्यक्रम के दौरान इनक्यूबेशन परियोजना का मुख्यमंत्री ने शुभारंभ किया। इस परियोजना का उद्देश्य सूक्ष्म और लघु उद्योगों की मदद करना है। तीन साल की परियोजना की लागत 10 करोड़ 70 लाख रखी गई है।

बिहान योजना से जुड़ने के बाद जिंदगी बदली : राजकुमारी

कार्यक्रम में दो संभाग स्तरीय FPO और एक राज्य स्तरीय लाइव स्टॉक मार्केटिंग फेडरेशन का भी शुभारंभ किया गया। इसके जरिए महिला किसानों को बकरी पालन वैल्यू चैन के विभिन्न चरणों में शामिल करके उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान बस्तर की बेटी राजकुमारी कश्यप ने सीएम से सीधा संवाद करते हुए संघर्ष से सफलता की अपनी कहानी सुनाई। मंच पर पहुंचकर राजकुमारी कश्यप ने कहा – “मैं बस्तर की बेटी हूं, जहां कभी नक्सल का गढ़ हुआ करता था, उस समय बाइक से निकलने में भी डर लगता था, मैं घर से बाहर तक नहीं निकलती थी। बिहान योजना से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी बदली।

राजकुमारी ने बताया कि पहले वे किसी समूह से जुड़ी नहीं थी और कुछ भी नहीं जानती थी, लेकिन मुर्गी पालन से अपने व्यवसाय की शुरुआत की। आज वे हर महीने 35 से 40 हजार रुपये तक की कमाई कर रही हैं। इसी कमाई से उन्होंने अपने बेटे के लिए ट्रैक्टर भी खरीदा है। राजकुमारी कश्यप ने बताया कि आज मैं लखपति बन चुकी हूं, आने वाले दिनों में करोड़पति बनने का सपना है।

छत्तीसगढ़ कला किताब और कॉफी टेबल बुक का हुआ विमोचन

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने “कॉफी टेबल बुक” किताब का भी विमोचन किया। लखपति दीदियों की सफलता की कहानी इस किताब में मौजूद है। इसके अलावा “छत्तीसगढ़ कला” किताब का भी विमोचन मुख्यमंत्री ने किया। इस किताब में दीदियों के उत्पादों को बाजार में किस क्रम द्वारा लाया जाता है, इसका जिक्र किया गया है। इंक्यूबेशन परियोजना के शुभारंभ के साथ लखपति दीदियों का सम्मान भी मुख्यमंत्री ने किया। इसके साथ ही लखपति दीदी ग्राम पोर्टल का भी अनावरण किया गया।

लखपति दीदियों को करोड़पति बनाने दी जाएगी ट्रेनिंग : सीएम

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा लखपति दीदी संवाद कार्यक्रम 2026 का आयोजन किया गया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पहली बार इस तरह का कार्यक्रम हुआ। पूरे प्रदेश की लखपति दीदियों की उपस्थिति देखी गई। लखपति दीदियों ने अपनी सफलता की कहानी भी सुनाई, उन्हें बहुत-बहुत बधाई। पूरे प्रदेश की माता– बहनों को उनसे प्रेरणा मिलेगी।

माता बहनों के साथ खड़ी है सरकार

सीएम ने कहा, सरकार माता बहनों के साथ खड़ी है। आगे भी महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग की तरफ से बकरी पालन क्लस्टर योजना का शुभारंभ हुआ है। आईआईएम रायपुर के साथ सरकार ने एमओयू भी किया है, जिसके तहत अब लखपति दीदियों को करोड़पति बनाने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि यदि पूरे गांव की दीदियां लखपति हो गईं तो उस गांव को लखपति घोषित करने की योजना है।

विकसित छत्तीसगढ़ में लखपति दीदियों का अहम योगदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज एक बेटी शिक्षित होती है तो दो घर को आबाद करती है। इस योजना की शुरूआत के लिए सीएम ने पीएम मोदी को बधाई भी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ में लखपति दीदियों का अहम योगदान है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार आपके साथ है। महतारी वंदन योजना के तहत हर माह 1 हजार रुपए दीदियों के खाते में भेजे जाते हैं। सरकार माताओं– बहनों को आर्थिक रूप से आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। छत्तीसगढ़ में 8 लाख लखपति दीदियां है, जिन्हें बढ़ाकर दस लाख तक के करने का लक्ष्य है। इस सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को बधाई दी। कार्यक्रम में आई बालोद की भुवनेश्वरी साहू और जशपुर की मीरा कश्यप ने भी अपनी सफलता की कहानी सुनाई।

डिप्टी सीएम शर्मा बोले – पूरा गांव लखपति दीदी बनेगा

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के भारसाधक मंत्री विजय शर्मा ने अपने उद्बोधन में बताया कि मुख्यमंत्री जी रोज पूछते हैं कि कितना काम हुआ है, हम उन्हें रोज का पूरा ब्यौरा देते हैं कि हमने कितना काम किया है। आज छत्तीसगढ़ में महिलाओं के साहस से 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन गई है। अब यह दीदी लखपति से करोड़पति दीदी बनने की तैयारी में है। प्रधानमंत्री जी ने संसद में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लाया है, जिससे वे आगे बढ़ सके। आने वाले दिनों में सिर्फ एक महिला या एक घर की महिला ही नहीं बल्कि पूरा गांव लखपति दीदी बनेगा।

अब तक 200 महतारी सदन बनकर तैयार

डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बताया कि मैं गुजरात दौरे पर गया था, वहां एक डेयरी है। डेयरी का टर्न ओवर 21 हजार करोड़ रुपए है। आगामी दिनों में उनका लक्ष्य 24 हजार करोड़ रुपए टर्नओवर करने का है। डिप्टी सीएम के अनुसार हमारे भी छत्तीसगढ़ के स्व सहायता समूह का लक्ष्य 1000 करोड़ रुपए के ऊपर का होना चाहिए। अब तक 200 महतारी सदन बनकर तैयार है, ताकि सभी दीदियां अपना काम आसानी से कर सके। डिप्टी सीएम ने बताया कि आने वाले समय में जैसे आप फूड ऑर्डर करते हैं, वैसे ही एक एप्लीकेशन होगा, जिसमें महिला स्व सहायता समूह की सभी सामग्री मिलेगी और उसकी घर तक डिलीवरी भी होगी।