सनातन धर्म में हर दिन किसी न किसी देवी-देवता और ग्रह का माना जाता है. शुक्रवार का दिन धन और ऐश्वर्य की देवी लक्ष्मी को समर्पित किया गया है. शुक्रवार को विधि-विधान से माता लक्ष्मी का व्रत और पूजन किया जाता है. मान्यता है कि शुक्रवार को व्रत और पूजन करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं. उनके आशीर्वाद से घर में धन धान्य की कमी नहीं होती है. शुक्रवार के दिन शुक्र की देव की विशेष पूजा और कुछ उपाय किए जाते हैं.

पुराणों में मिलता है शुक्रवार व्रत का उल्लेख
ब्रह्मवैवर्त और मत्स्य पुराण में शुक्रवार व्रत का उल्लेख मिलता है. इसमें बताया गया है कि इस तिथि पर मां लक्ष्मी और संतोषी माता की पूजा अर्चना करनी चाहिए. मान्यता है कि शुक्रवार व्रत सुख, शांति, धन-धान्य और समृद्धि और वैवाहिक जीवन में शांति लाने के लिए किया जाता है.
इस विधि से करें शुक्रवार को माता लक्ष्मी की पूजा
इस दिन पूजन करने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें. पूजा स्थल पर गंगाजल छिड़कें. लाल कपड़े पर माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें. दीप जलाएं और फूल, चंदन, अक्षत, कुमकुम और मिठाई का भोग लगाएं. श्री सूक्त’ और कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें और विष्णुप्रियाय नमः का जप भी लाभकारी है.
प्रेम और वैवाहिक सुख का कारक
ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को एक महत्वपूर्ण और अति विशेष ग्रह के रूप में वर्णित किया गया है. ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को भौतिक सुख-सुविधाओं, ऐश्वर्य, प्रेम, वैवाहिक सुख, सौंदर्य और कला का कारक माना गया है. यही कारण है कि इस दिन शीघ्र विवाह के उपाय बड़े प्रभावी माने गए हैं, लेकिन लोगों के मन में ये सवाल आता है कि क्या 16 शुक्रवार का व्रत रखने से विवाह के योग बनते हैं? आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.
16 शुक्रवार का व्रत
कुंडली में शुक्र को वैवाहिक सुख का स्वामी माना गया है. ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार 16 शुक्रवार का व्रत और पूजा करने से शुक्र ग्रह बलवान होता है. जिससे विवाह के योग बनते हैं, रिश्तों में मिठास आती है. इसके साथ कुंडली में शुक्र के मजबूत होने से बड़ी आर्थिक सफलताएं भी मिलती हैं. इससे जीवन में अपार सुख-समृद्धि आती है.
विवाह के लिए शुक्रवार को करें ये उपाय
16 शुक्रवार के व्रत रखने के साथ-साथ इस दिन संतोषी मां या देवी दुर्गा की पूजा करने, सफेद वस्तुओं (दूध, दही, इत्र) का दान करने, जरूरतमंद महिलाओं को वस्त्र भेंट करने, राधा-कृष्ण मंदिर में मिश्री का भोग लगाने और गाय को हल्दी लगा आलू खिलाने से भी विवाह के योग जल्दी बनते हैं और बाधाएं दूर होती हैं.
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