सोहराब आलम/मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी आपराधिक साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है। भटहां गांव में छापेमारी कर पुलिस ने एक ऐसे शातिर अपराधी को दबोचा है, जो फर्जी पुलिसकर्मी बनकर न केवल लोगों को ठगता था, बल्कि लूट जैसी बड़ी वारदातों को अंजाम देने की फिराक में था। इस कार्रवाई ने क्षेत्र में सक्रिय गिरोहों के बीच हड़कंप मचा दिया है।
गुप्त सूचना और त्वरित कार्रवाई
सुगौली थानाध्यक्ष अनीश कुमार सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि भटहां गांव में कुछ संदिग्ध लोग किसी बड़ी लूट की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम का गठन किया गया और तत्काल प्रभाव से गांव में घेराबंदी की गई। छापेमारी के दौरान नितेश कुमार नामक युवक को गिरफ्तार किया गया, जो वर्दी पहनकर पुलिस की धौंस जमा रहा था।
बरामदगी और चौंकाने वाले खुलासे
आरोपी के घर की तलाशी के दौरान पुलिस ने खाकी वर्दी (दो स्टार लगी), पुलिस टोपी, चाकू और एक टॉर्च बरामद की। ये सामान इस बात की पुष्टि करते हैं कि वह सुनियोजित तरीके से फर्जी पुलिस बनकर लोगों को लूटता था। पूछताछ में नितेश ने जो जानकारी दी, वह चौंकाने वाली है। उसने अपने गिरोह के अन्य सहयोगियों के नाम भी उजागर किए हैं, जिसके बाद पुलिस ने तीन नामजद और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
पुराना अपराधी है नितेश
जांच में यह भी सामने आया कि नितेश कोई छोटा-मोटा अपराधी नहीं है, बल्कि उसका आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा है। वह पूर्व में पटना में 35 लाख रुपये की बड़ी ठगी की घटना में भी शामिल रह चुका है। इससे स्पष्ट होता है कि वह संगठित आपराधिक गिरोह का हिस्सा है। फिलहाल, नितेश को न्यायिक हिरासत में मोतिहारी भेज दिया गया है। सुगौली पुलिस अब बाकी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। यह मामला एक बार फिर यह दर्शाता है कि आम लोगों को वर्दी देखकर ही सावधान रहने की कितनी आवश्यकता है।

