कुंदन कुमार, पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज (23, सितंबर) बुधवार को चल रही कैबिनेट की अहम बैठक समाप्त हो चुकी है। सम्राट कैबिनेट की इस बैठक (Samrat Cabinet Meeting) में शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास और प्रशासनिक से जुड़े कई बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इस बैठक में कुल 24 एजेंडों पर मुहर लगाई गई। बैठक में सीएम सम्राट चौधरी, दोनों डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी व बिजेंद्र प्रसाद यादव और कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहें।
पटना में मां सीता महिला विश्वविद्यालय को मंजूरी
कैबिनेट की इस बैठक में बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में दो नए विश्वविद्यालयों की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। बैठक में पटना में मां सीता महिला विश्वविद्यालय और बेगूसराय में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके लिए 15 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है।
मां सीता विवि में सिर्फ महिलाएं निभाएंगी भूमिका
वहीं, पटना में मां सीता महिला विश्वविद्यालय की स्थापना को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। विश्वविद्यालय के संचालन के लिए पदाधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन सहित अन्य आवश्यक मदों में खर्च की प्रशासनिक स्वीकृति भी प्रदान की गई है।
सरकार के अनुसार, प्रस्तावित मां सीता महिला विश्वविद्यालय में छात्राओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा। खास बात यह है कि इस विश्वविद्यालय में प्रशासनिक पदों से लेकर शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्राओं तक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
इन अहम प्रस्तावों पर भी लगी मुहर
कैबिनेट में पूर्ववर्ती बिहार राज्य विद्युत बोर्ड के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को 31 अक्टूबर 2012 तक की अवधि में अनफंडेड टर्मिनल बेनिफिट दायित्व के विरुद्ध वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उपबंधित राशि 757.63 करोड़ रुपए बिहार स्टेट पावर कंपनी लिमिटेड को पांच सामान किस्तों में उपलब्ध कराने की स्वीकृति।
पुलिस के आधुनिकीकरण के तहत 50 ड्रोन खरीद के लिए 24 करोड़ 50 लाख रुपए की स्वीकृति। जिला पुलिस, रेल पुलिस, बिविसपु, मध्य निषेध एवं राजशयापक नियंत्रण ब्यूरो पटना के सुदृढ़ीकरण तथा लोक भवन के उपयोग के लिए उपकरणों के खरीद हेतु 33 करोड़ 68 लाख 50 रुपए की स्वीकृति।
पटना नगर निगम के कर्मचारियों को 1993- 94 से 2004-5 तक दिए गए वेतन भुगतान की राशि 41 करोड़ 41 हजार 74 रुपए को अनुदान के रूप में समायोजित करते हुए यूसीडीसी के अनिवार्यता को शिथिल किए जाने की स्वीकृति। बिहार जल संसाधन विकास निगम लिमिटेड के गठन करने की स्वीकृति।
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