नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के बीच ईरानी सईद अब्बासजादेह ने ग्रीको-रोमन शैली में भारतीय कुश्ती कोच की नौकरी के लिए आवेदन किया है. अब्बासजादेह को पहलवानों को ट्रेनिंग देने का 15 साल से ज़्यादा का अनुभव है, उन्होंने ऐसे समय में भारत के पहलवानों को कोचिंग देने में दिलचस्पी दिखाई है, जब ईरान युद्ध में फंसा हुआ है.

भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) द्वारा नाम फाइनल किए जाने के बाद 42 साल के इस ईरानी कोच का आवेदन भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के पास मंजूरी के लिए लंबित है. एक बार जब अब्बासज़ादेह और SAI के बीच औपचारिक अनुबंध पर हस्ताक्षर हो जाएंगे, तो यह ईरानी कोच अगले महीने राष्ट्रीय टीम के साथ जुड़ जाएगा.

उनकी प्रस्तावित सैलरी $3,000 प्रति माह (लगभग 2.5 लाख रुपये) तय की गई है. महासंघ चाहता था कि अब्बासज़ादेह 6 से 12 अप्रैल तक किर्गिस्तान के बिश्केक में होने वाली आगामी सीनियर एशियाई चैंपियनशिप से पहले टीम में शामिल हो जाएं, लेकिन प्रशासनिक कारणों से इसमें देरी हो गई. उम्मीद है कि उनका अनुबंध 2028 में होने वाले लॉस एंजिल्स ओलंपिक तक चलेगा.

इसी तरह बजरंग पूनिया के पूर्व कोच शाको बेंटिनिडिस (तस्वीर में) को पुरुषों के फ्रीस्टाइल पहलवानों को LA ओलंपिक चक्र के लिए तैयार करने हेतु $3,000 (लगभग 2.5 लाख रुपये) के मासिक वेतन पर फाइनल किया गया है. इस जॉर्जियाई कोच ने 2018 के एशियाई खेलों में बजरंग को पदक दिलाने, 2019 की विश्व चैंपियनशिप में तीसरा स्थान दिलाने और 2020 के टोक्यो खेलों में कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. बेंटिनिडिस ने 2021 में बजरंग के साथ अपना साथ खत्म कर लिया था.

महिला पहलवानों के लिए WFI ने दो बार विश्व चैंपियनशिप में पदक जीत चुके अमेरिकी कोच इयान बटलर को चुना है, वह पैन अमेरिकन रजत पदक विजेता भी हैं, और दुनिया भर के कॉम्बैट स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म पर कई बार ओपन चैंपियन रह चुके हैं. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टीम USA और टीम कनाडा के साथ मुख्य कोच के तौर पर काम किया है.

WFI सूत्रों के अनुसार, बटलर को महिला कुश्ती की कमान मुख्य विदेशी कोच के तौर पर संभालने के लिए राज़ी करने में काफी समय लगा, क्योंकि शुरू में उन्होंने अपनी सैलरी के तौर पर हर महीने $25,000 (लगभग 20.8 लाख रुपये) की बहुत बड़ी रकम मांगी थी. बातचीत के बाद कोच हर महीने $8,000 (लगभग 6.6 लाख रुपये) का मेहनताना लेने पर सहमत हो गए. बता दें कि काफी समय के बाद फेडरेशन ने पिछले साल सितंबर में विदेशी कोचों से आवेदन मांगे थे.