Rajasthan Police Foundation Day 2026: राजस्थान पुलिस आज अपना 77वां स्थापना दिवस पूरे आन-बान और शान के साथ मना रही है। राजधानी जयपुर के राजस्थान पुलिस अकादमी (RPA) में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शिरकत की। बता दें कि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम स्थल पर पहुंचना काफी चर्चा में रहा, जहां वे पुलिस की मोटरसाइकिल बटालियन और घुड़सवारों के शाही लश्कर के साथ पहुंचे। दरअसल, इस मौके पर जवानों के जोश ने सबका दिल जीत लिया।

पुलिस पेंशनर्स के लिए खुशखबरी वाला पोर्टल

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक दिन को पुलिस परिवार के लिए यादगार बना दिया। ग्राउंड सूत्रों के अनुसार, सीएम ने राजस्थान पुलिस पेंशनर्स पोर्टल का लोकार्पण किया है। अब हजारों रिटायर्ड पुलिसकर्मियों को पेंशन के काम के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। इसे ‘राजकॉप सिटीजन एप’ से जोड़ दिया गया है, यानी अब पेंशन का सारा लेखा-जोखा सीधा मोबाइल पर उपलब्ध होगा।

समारोह में सिर्फ वर्दीधारियों का ही नहीं, बल्कि उन चेहरों का भी सम्मान हुआ जिन्होंने समाज की तस्वीर बदली है। मिली जानकारी के अनुसार, तीन आम नागरिकों को राज्य स्तरीय सम्मान दिया गया। प्रकाश प्रजापति (सिरोही) को समाज सेवा में उत्कृष्ट योगदान, सुरजीत कश्यप (झालावाड़) सामाजिक कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र एवं सिंधु बिनुजीत (उदयपुर) को बाल सुरक्षा और आदिवासी क्षेत्र में नवाचार के लिए सम्मानित किया गया।

उदयपुर की सिंधु बिनुजीत की कहानी सबसे प्रेरणादायक रही। उन्होंने साल 2010 से डूंगरपुर जैसे आदिवासी बेल्ट में बाल श्रम रोकने के लिए जान लगा दी। उन्होंने वत्सल वार्ता के जरिए बच्चों के मन से पुलिस का खौफ निकाला। आपको बता दें कि उनके इसी मॉडल को साल 2015 में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने भी पूरे प्रदेश में लागू करने का आदेश दिया था।

कोटा से डूंगरपुर तक पुलिस का शौर्य

सिर्फ जयपुर ही नहीं, प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसकी धूम रही। कोटा में आईजी राजेंद्र प्रसाद गोयल और एसपी तेजस्विनी गौतम ने पौधरोपण किया, तो वहीं बांसवाड़ा में एसपी सुधीर जोशी ने 54 जांबाज पुलिसकर्मियों को पदक पहनाए। डूंगरपुर में तो पुलिसकर्मियों ने रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश की।

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