दिल्ली पुलिस ने एक बड़े हनीट्रैप और रोमांस स्कैम का पर्दाफाश किया है, जिसके तार देश के अलग-अलग राज्यों से जुड़े मामलों से मिलते-जुलते बताए जा रहे हैं। जांच में सामने आया कि इस तरह के गिरोह लोगों को भावनात्मक जाल में फंसाकर उनका शोषण और आर्थिक दोहन करते हैं। पुलिस के मुताबिक, यह मामला महाराष्ट्र के अयान तनवीर और पश्चिम बंगाल के आनंद कुमार के तरीकों से काफी हद तक मिलता-जुलता है। जानकारी के अनुसार, अयान तनवीर पर आरोप है कि वह नाबालिग लड़कियों को अपने जाल में फंसाता था, उनका यौन शोषण करता था और अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल कर देह व्यापार में धकेलता था।
उसने करीब 180 लड़कियों को अपना शिकार बनाया। वहीं, आनंद कुमार महिलाओं को प्रेम संबंधों के नाम पर फंसाकर उनसे पैसों की वसूली करता था। उसके जाल में 500 से ज्यादा महिलाएं फंस चुकी थीं। दिल्ली पुलिस अब इस नए मामले में भी इसी तरह के नेटवर्क और ऑपरेटिंग पैटर्न की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि ऐसे संगठित गिरोह डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बनाते हैं। दिल्ली पुलिस ने देशभर में 500 से अधिक महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर उनसे करोड़ों की ठगी और उगाही करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान आनंद कुमार (35) के रूप में हुई है, जो पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना का निवासी है। यह आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से डेटिंग और मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहता था।
दक्षिण-पश्चिम जिले की साइबर थाना पुलिस के अनुसार, आरोपी फर्जी पहचान बनाकर महिलाओं से दोस्ती करता था और धीरे-धीरे उन्हें अपने प्रेम जाल में फंसा लेता था। इसके बाद वह भावनात्मक रूप से उनका भरोसा जीतकर उनसे पैसे ऐंठता था। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने देशभर में 500 से ज्यादा महिलाओं को निशाना बनाया और करीब 2 करोड़ रुपये की ठगी व उगाही की। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं और क्या इसके तार किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं।
कभी डॉक्टर, कभी प्रोड्यूसर, कभी बिजनेसमैन
पुलिस के मुताबिक, आरोपी डेटिंग और मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म पर फर्जी पहचान बनाकर सक्रिय रहता था। वह खुद को कभी डॉक्टर, कभी फिल्म प्रोड्यूसर तो कभी सफल बिजनेसमैन बताकर महिलाओं से संपर्क करता था। शुरुआत में वह बेहद भरोसेमंद और आकर्षक तरीके से बातचीत करता, जिससे सामने वाला आसानी से उसके झांसे में आ जाता। धीरे-धीरे वह महिलाओं के साथ भावनात्मक रिश्ता बनाता और उनका विश्वास जीत लेता था। जब रिश्ता गहरा हो जाता, तब आरोपी शादी का झांसा देता और भविष्य के सपने दिखाकर पैसों की मांग शुरू कर देता। कई मामलों में वह इमरजेंसी, बिजनेस नुकसान या पारिवारिक समस्या का बहाना बनाकर मोटी रकम ऐंठता था।
शिकायत से खुला राज
दिल्ली पुलिस द्वारा उजागर किए गए इस बड़े साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश एक पीड़ित महिला की शिकायत से हुआ। महिला ने साइबर थाना में बताया कि ‘वैभव अरोड़ा’ नाम के इंस्टाग्राम प्रोफाइल के जरिए उससे करीब 7 लाख रुपये ठग लिए गए। जांच में सामने आया कि आरोपी आनंद कुमार ने पहले डेटिंग ऐप के जरिए महिला से संपर्क किया और फिर बातचीत को इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप पर शिफ्ट कर दिया। इसके बाद उसने कई अलग-अलग मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करते हुए महिला के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा। धीरे-धीरे आरोपी ने भावनात्मक नजदीकी बढ़ाई और शादी का वादा कर महिला का भरोसा जीत लिया। इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसने अलग-अलग बहानों से पैसे मांगे और लाखों रुपये ठग लिए।
दिल्ली में सामने आए इस बड़े रोमांस स्कैम में आरोपी आनंद कुमार की चालाकी का नया खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में पता चला कि उसने भरोसा जीतने के लिए एक नहीं, बल्कि दो फर्जी किरदार तैयार किए थे। आरोपी ने ‘वैभव अरोड़ा’ बनकर पीड़िता से संपर्क किया, वहीं ‘आनंद’ नाम से एक दूसरा फर्जी किरदार भी गढ़ा, जिसे उसने अपना करीबी दोस्त बताया। इस तरह वह अलग-अलग पहचान के जरिए पीड़िता का विश्वास और मजबूत करता रहा। इसके बाद आरोपी ने मेडिकल इमरजेंसी, बिजनेस में नुकसान और पारिवारिक परेशानियों का हवाला देकर लगातार पैसे मांगे। भावनात्मक रूप से जुड़ चुकी पीड़िता ने उस पर भरोसा कर रकम ट्रांसफर कर दी। जब महिला ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने अचानक संपर्क खत्म कर दिया। इतना ही नहीं, उसने एक और फर्जी कहानी गढ़ते हुए यह तक बता दिया कि ‘वैभव’ की मौत हो चुकी है, ताकि पीड़िता उससे दोबारा संपर्क न कर सके।
तकनीकी जांच से गिरफ्तारी
अधिकारियों ने सोशल मीडिया अकाउंट्स, मोबाइल नंबर और बैंक ट्रांजैक्शनों का गहराई से अध्ययन किया, जिससे अहम सुराग मिले। जांच के दौरान मिले डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर आरोपी आनंद कुमार के दो मोबाइल नंबर पश्चिम बंगाल के 24 परगना क्षेत्र में सक्रिय पाए गए। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
बरामदगी में क्या मिला?
गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से 4 स्मार्टफोन, 8 सिम कार्ड, 3 डेबिट कार्ड, ठगी के पैसों से खरीदे गए सोने के आभूषण बरामद किए गए। पुलिस का कहना है कि यह सामान केवल व्यक्तिगत स्तर की ठगी नहीं, बल्कि एक बड़े संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करता है। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं और देशभर में इसका नेटवर्क कितना फैला हुआ है।
ब्लैकमेलिंग का भी खेल
जांच के मुताबिक, आरोपी पहले महिलाओं से नजदीकी बढ़ाकर उनका भरोसा जीतता था और फिर उनसे निजी फोटो व वीडियो हासिल कर लेता था। इसके बाद वह इन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पैसे वसूलता था। इस तरह वह एक साथ हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग दोनों को अंजाम देता था। पुलिस ने यह भी पाया कि पहचान छिपाने के लिए आरोपी लगातार मोबाइल फोन और सिम कार्ड बदलता रहता था। वह अलग-अलग नामों से कई सोशल मीडिया अकाउंट चलाता था, जिससे उसे ट्रेस करना काफी मुश्किल हो जाता था।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी के खिलाफ पहले से ही दिल्ली और गाजियाबाद में इसी तरह के दो मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं। साथ ही, अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान कर उन्हें न्याय दिलाने की दिशा में भी कार्रवाई जारी है।
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