चंडीगढ़। हरियाणा में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य में जनगणना का पहला चरण शुरू हो चुका है, जिसके तहत स्व-गणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया 16 अप्रैल से शुरू होकर 30 अप्रैल तक चलेगी।

इस दौरान नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी और अपने परिवार की जानकारी भर सकते हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वयं इस प्रक्रिया के तहत अपने आंकड़े दर्ज कर इसकी शुरुआत की।

इसके बाद 1 मई से 30 मई तक जनगणना कर्मी घर-घर जाकर सर्वे करेंगे और आवश्यक जानकारी एकत्र करेंगे।

ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा

भारत सरकार ने इस बार लोगों की सुविधा के लिए एक विशेष पोर्टल https://se.census.gov.in/
लॉन्च किया है। इस पोर्टल के जरिए नागरिक स्वयं अपना डेटा भर सकते हैं, जिससे समय की बचत और अधिक सटीक जानकारी सुनिश्चित होगी।

स्व-गणना की प्रक्रिया कैसे करें
आधिकारिक पोर्टल पर लॉगिन करें
मोबाइल नंबर से OTP के माध्यम से लॉगिन करें
राज्य व जिला चुनें
डिजिटल मैप पर घर की लोकेशन दर्ज करें
परिवार और मकान से जुड़ी जानकारी भरें
सबमिट करने के बाद एक यूनिक ID प्राप्त होगी
इस ID को सुरक्षित रखें
पहले चरण में क्या-क्या पूछा जाएगा?

मकान संबंधी जानकारी:

मकान का प्रकार, निर्माण सामग्री
उपयोग (आवासीय/गैर-आवासीय)

परिवार संबंधी जानकारी:

सदस्यों की संख्या
मुखिया का नाम
कमरों की संख्या और स्वामित्व

मूलभूत सुविधाएं:

पानी, बिजली, शौचालय
रसोई, गैस कनेक्शन, ईंधन

अन्य सुविधाएं:

मोबाइल, इंटरनेट, टीवी
वाहन संबंधी जानकारी


अधिकारियों की अपील और तैयारी

मुख्य जनगणना अधिकारी डॉ. ललित जैन ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति स्व-गणना नहीं कर पाता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। 1 मई से जनगणना कर्मी घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे।

राज्य में लगभग 70,000 कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है और सभी प्रशासनिक स्तरों पर जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं।

सुरक्षा व्यवस्था

जनगणना कर्मियों के पहचान पत्र में बारकोड होगा, जिसे स्कैन कर उनकी पहचान सत्यापित की जा सकती है। पूरी प्रक्रिया को गोपनीय और सुरक्षित रखा जाएगा।

महत्वपूर्ण बात

2027 के दूसरे चरण में लोगों से जाति संबंधी जानकारी भी ली जाएगी, जो आज़ादी के बाद पहली बार होगा।