रायपुर। वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए हादसे में वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बचाव में भाजपा सांसद और बड़े उद्योगपति नवीन जिंदल सामने आए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया में अपने पोस्ट के जरिए पावर प्लांट हादसे में कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं होने के बाद भी अनिल अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने पर सवाल उठाया है.
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हरियाणा के कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र से चुने गए भाजपा सांसद और जिंदल स्टील के चेयरमैन नवीन जिंदल ने इंस्टाग्राम में किए अपने पोस्ट में लिखा है कि छत्तीसगढ़ की यह त्रासदी बेहद पीड़ादायक है. 20 परिवारों ने सब कुछ खो दिया है. प्रभावित परिवारों के लिए उचित मुआवजा, आजीविका का समर्थन और पूरी तरह से निष्पक्ष जांच अनिवार्य है.
इसके साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि किसी भी जांच से पहले अनिल अग्रवाल का नाम एफआईआर में शामिल करना गंभीर सवाल खड़े करता है. वे एक साधारण और पिछड़े वर्ग के परिवार से उठकर अपने दम पर एक वैश्विक उद्योग खड़ा करने वाले व्यक्ति हैं. उस प्लांट के संचालन में उनकी कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी.
उन्होंने तर्क दिया कि जब पीएसयू प्लांट्स या रेलवे में हादसे होते हैं, तो क्या हम चेयरमैन का नाम लेते हैं? नहीं लेते. यही मानक निजी क्षेत्र पर भी लागू होना चाहिए. पहले जांच हो. सबूतों के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाए, उसके बाद कार्रवाई की जाए. भारत के #ViksitBharat विज़न को ऐसे लोगों की जरूरत है, जैसे अनिल अग्रवाल, जो निवेश और निर्माण को आगे बढ़ाते हैं. यह तभी संभव है, जब निवेशकों का सिस्टम पर भरोसा बना रहे.
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