पटना। राजधानी के पालीगंज अनुमंडल स्थित बिक्रम प्रखंड के पतुत गांव में शनिवार को प्रकृति और तकनीकी खामी के कहर ने किसानों को भारी क्षति पहुंचाई है। पतुत गांव के बधार (खेतों) में अचानक भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस अनहोनी में गांव के दर्जनों किसानों की लगभग 50 बीघे से अधिक तैयार खड़ी गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई।
तेज हवा और शॉर्ट सर्किट ने बढ़ाई तबाही
शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस भीषण आगजनी का मुख्य कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट और क्षेत्र में चल रही तेज हवाएं मानी जा रही हैं। हवा के झोंकों ने आग की लपटों को इतनी तेजी से फैलाया कि ग्रामीणों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस घटना में किसानों को 10 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति होने का अनुमान है।
देरी से पहुंची दमकल की गाड़ियां
आग की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण अपने स्तर पर आग बुझाने के लिए खेतों की ओर दौड़े, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण वे बेबस नजर आए। घटना की सूचना मिलने पर दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, परंतु तब तक काफी देर हो चुकी थी और अधिकांश फसलें जल चुकी थीं। स्थानीय पुलिस और प्रशिक्षु डीएसपी विनय रंजन ने बताया कि प्रशासन ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक किसानों का भारी नुकसान हो चुका था।
पीड़ित किसानों ने लगाई मुआवजे की गुहार
इस अग्निकांड में मुख्य रूप से रेवती रमण सिंह, राधा रमण सिंह, राज कुमार सिंह, संजय सिंह और सरोज सिंह जैसे किसानों की मेहनत बर्बाद हुई है। खून-पसीने से सींची गई फसल के नष्ट होने से किसान टूट चुके हैं। पीड़ित परिवारों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से क्षति का उचित आकलन कर जल्द से जल्द मुआवजे की मांग की है ताकि वे इस आर्थिक संकट से उबर सकें।
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