सुरेश पांडेय, सिंगरौली। जिले के शिक्षा विभाग में करोड़ों रुपए की खरीद में अनियमितता को लेकर बड़ी कार्रवाई हुई है। लोकायुक्त ने जिला शिक्षा अधिकारी समेत कई अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। इस खबर को लल्लूराम डॉट काम ने प्रमुखता के साथ प्रकाशन किया था। खबर प्रकाशन के बाद लोकायुक्त ने कार्रवाई की है।

नियमों को दरकिनार कर खरीदी और पद का दुरुपयोग

दरअसल शिकायतकर्ता ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में नियमों को दरकिनार कर खरीदी और पद का दुरुपयोग करते हुए वित्तीय अनियमितताएं की बात कही थी। दस्तावेज के अनुसार 558 शालाओं के लिए स्वच्छता और कीटाणुशोधन सामग्री की खरीद की गई, जिसकी राशि 97 लाख 67 हजार बताई गई। वहीं 19 विद्यालयों के लिए वर्चुअल रियलिटी लैब की खरीद पर करीब 4 करोड़ 68 लाख खर्च किए गए। इसके अलावा 61 विद्यालयों में विद्युत व्यवस्था, उपकरण और सामान्य मरम्मत सामग्री की खरीद पर करीब 3 करोड़ 5 लाख खर्च किए गए। इन सभी खरीद प्रक्रियाओं में नियमों के पालन, निविदा प्रक्रिया और भुगतान को लेकर सवाल खड़े हुए थे।

20 अप्रैल महाकाल आरती: भांग-चंदन और ड्रायफ्रूट से भगवान महाकाल का दिव्य श्रृंगार,

खरीदी से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए

जांच के बाद लोकायुक्त ने जिला शिक्षा अधिकारी सूर्यभान सिंह, सहायक संचालक शिक्षा राजधर साकेत, जिला परियोजना समन्वयक रामलखन शुक्ल, सहायक परियोजना समन्वयक (वित्त) छविलाल सिंह सहित अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 और भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। 15 अप्रैल 2026 को लोकायुक्त रीवा की टीम ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय सिंगरौली पहुंचकर खरीदी से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए।

MP में भीषण गर्मी का कहर! 44 डिग्री के पार पहुंचा तापमान, आज इन जिलों में हीट वेव का अलर्ट

सभी पहलुओं की बारीकी से जांच

इनमें टेंडर प्रक्रिया, स्वीकृति आदेश, सप्लाई रिकॉर्ड, बिल और भुगतान से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर अब पूरे वित्तीय लेनदेन की परतें खंगाली जा रही हैं। लोकायुक्त रीवा टीआई संदीप भदौरिया ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच की गई थी। जांच में प्रारंभिक तौर पर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं और सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। लल्लूराम डॉट काम की खबर के बाद हुई इस कार्रवाई को शिक्षा विभाग में पारदर्शिता पर बड़ा सवाल और जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m