मध्य प्रदेश में आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ते जा रहे है। कहीं घरेलू, जमीनी विवाद के चलते सुसाइड की घटनाएं सामने आ रही है तो कहीं आर्थिक और मानिसक रूप से प्रताड़ित होकर लोग अपनी जान दे रहे है। ताजा मामला छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव और अमरवाड़ा के साथ ही विदिशा जिले के शमशाबाद से भी सामने आया है। जहां तीन लोगों ने सुसाइड कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। फिलहाल पुलिस ने तीनों ही मामलों में मर्ग कायम कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
जुन्नारदेव में गर्भवती महिला फंदे पर झूलती मिली
शरद पाठक, जुन्नारदेव (छिंदवाड़ा)। जुन्नारदेव के वार्ड क्रमांक 7 में शनिवार देर रात एक महिला की लाश फांसी के फंदे पर झूलती मिली। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मृतिका की पहचान शालिनी पति पवन नायक (24) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मृतिका की एक चार साल की बेटी है और वह 4 महीने की गर्भवती भी थी। पुलिस के मुताबिक, पति सो रहा था तभी पत्नी ने घर में अज्ञात कारण से फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अमरवाड़ा में पेड़ पर लटका मिला शव
सुजान सिंह, अमरवाड़ा (छिंदवाड़ा)। अमरवाड़ा थाना क्षेत्र के सिंगोड़ी चौकी अंतर्गत ग्राम बांका मुकासा में शनिवार को एक व्यक्ति का शव खेत के पेड़ पर लटका मिला। घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान मनुराजा चिंता चंद्रवंशी पिता लाल बहादुर चंद्रवंशी (52) निवासी बांका मुकासा के रूप में हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, दोपहर खेत की ओर गए लोगों ने शव को झाड़ी से लटका देखा और तुरंत सिंगोड़ी चौकी पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही सिंगोड़ी चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अमरवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। चौकी प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। फिलहाल मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। सिंगोड़ी पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और ग्रामीणों व परिजनों से पूछताछ की जा रही है।

शमशाबाद में सिस्टम से हताश होकर बुजुर्ग किसान ने दी जान
विक्की आर्य, शमशाबाद(विदिशा)। विदिशा जिले के शमशाबाद में शनिवार को सरकारी सिस्टम से हताश होकर किसान कालू जाट (60) ने आत्महत्या कर ली। मामला ग्राम सांगुल का है। जहां 6 बीघा के एक किसान की पूरी जमीन नपती में चली गई। जब उसको पेट भरने के लिए कोई दूसरा रास्ता नहीं दिखा तो उसने मर जाना ही सही समझा और जिस खेत में वह वर्षों से किसानी कर रहा था वहीं जाकर फांसी लगा ली।
परिजनों का आरोप है कि आरआई और पटवारी ने पैसे लेकर जमीन की नपती की है, जिसके चलते उनके पास खेती करने के लिए एक हाथ भी जमीन नहीं बची। बुजुर्ग किसान की मौत से परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए और उन्होंने चक्काजाम कर दिया। मांग की जा रही है कि दोषी पटवारी और आरआई को तत्काल निलंबित किया जाए और किसान जिस जमीन पर वर्षों से खेती कर रहा था उसे यथावत रहने दें। वहीं शमशाबाद तहसीलदार प्रेमलता पाल ने इस मामले में जांच कर उचित कार्रवाई की बात कही है।

आत्महत्या कर लेना समस्या का समाधान नहीं
सवाल यह है कि क्या आत्महत्या कर लेने से समस्या का समाधान हो जाता है, तो इसका जवाब शायद यही है कि बिल्कुल भी नहीं… अपनी जीवन लीला समाप्त कर लेना किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। जीवन की हर चुनौती का डटकर सामना करना चाहिए। हर समस्या का हल एक न एक दिन ज़रूर निकल सकता है। बस थोड़ा धैर्य, साहस और खुद पर भरोसा होना चाहिए। हर बाधा और समस्या को पार कर आगे बढ़ना चाहिए। क्यों कि संघर्ष से उबरना ही असली जीत है।
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